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प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक करंट लगने के बाद शिवम काफी देर तक घटनास्थल पर तड़पता रहा। उसकी चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और किसी तरह उसे बिजली तार से अलग किया। गंभीर हालत में उसे तत्काल अनुमंडल अस्पताल मोहनियां ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा गया। लोगों का कहना है कि जिस बिजली तार से हादसा हुआ वह लंबे समय से जर्जर स्थिति में था। क्षेत्र के कई हिस्सों में कवरयुक्त तार लगाए गए हैं, लेकिन कैथी गांव के इस इलाके में अब भी पुराने और खुले तार लगे हुए हैं, जिनकी वजह से यह हादसा हुआ।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत के बावजूद विभाग ने तार बदलने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। यदि समय रहते जर्जर तारों को बदला गया होता तो मासूम की जान बच सकती थी। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस अनुमंडल अस्पताल पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू की। इस संबंध में मोहनियां थानाध्यक्ष आलोक कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है तथा आगे की कार्रवाई की जा रही है। वहीं ग्रामीणों ने मृतक के परिजनों को सरकारी मुआवजा देने और लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।



