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इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए रोहतास पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार ने बताया कि बिक्रमगंज अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी संकेत कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। डीआईयू और एफएसएल टीम के सहयोग से तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान की गई। जांच में सामने आया कि घटना की शाम छात्रा कोचिंग से पढ़कर अपने भाई को लेने पास के एक अन्य कोचिंग संस्थान की ओर जा रही थी। इसी दौरान संकरी गली में पहले से छिपे आरोपी ने छात्रा को पकड़ लिया, उसके साथ दुष्कर्म किया और बाद में गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। अपराध को छिपाने के उद्देश्य से आरोपी ने शव को सड़क पर रखकर ग्रामीणों को यह कहकर गुमराह करने की कोशिश की कि बच्ची अचेत अवस्था में पड़ी है।
एसपी ने बताया कि साक्ष्य मिटाने के लिए आरोपी ने उसी रात अपने कपड़े भी धो दिए थे। हालांकि जांच के दौरान उसके चेहरे पर नाखून के निशान पाए गए, जिससे यह स्पष्ट होता है कि छात्रा ने खुद को बचाने के लिए भरसक संघर्ष किया था। आरोपी के कपड़े और अन्य सामान जांच के लिए जब्त कर लिए गए हैं। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी अविवाहित था और इसी कारण मानसिक रूप से कुंठित रहता था। उल्लेखनीय है कि यह वारदात 11 दिसंबर की रात हुई थी और पुलिस ने तीन दिनों के भीतर मामले का सफल उद्भेदन कर लिया। प्रेस वार्ता के दौरान एएसपी संकेत कुमार, थानाध्यक्ष अविनाश कुमार, अंचल निरीक्षक कुणाल कृष्ण, अपर थानाध्यक्ष सुबोध कुमार, डीआईयू प्रभारी राहुल कुमार समेत कई पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।