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विद्यालय के प्रधानाध्यापक और एक सामाजिक कार्यकर्ता ने करीब एक करोड़ पर वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाया है, डीपीओ राजन कुमार गिरि व डीपीओ स्थापना निशांत गुंजन ने विद्यालय पहुंचकर जांच भी की है, विद्यालय के बैंक खाते और अन्य कागजातों को देखा इसके बाद शुक्रवार को पूर्व व वर्तमान प्रधानाध्यापक को नोटिस देकर 15 दिनों के अंदर जवाब मांगा है।
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पूर्व प्रधानाध्यापक अशोक कुमार राय पर विद्यालय के छात्र कोष, विकास कोष, आरएमएस कोष और इंटर कोष से राशि गबन करने का आरोप लगा है, इन पर 17 लाख रुपए गबन एवं एक करोड़ रुपए का हिसाब नहीं देने का आरोप है, उन्होंने 23 मार्च 2021 को सेवानिवृत होने के बाद अपना वित्तीय व अभिलेखीय प्रभार नए प्रधानाध्यापक को नहीं दिया, इतना ही नहीं मुख्यमंत्री किशोरी स्वास्थ्य योजना में छात्राओं को नैपकिन वितरण के लिए मिलने वाली राशि को छात्रों खाते में भेज दिया है।
यह राशि वित्तीय वर्ष 2016-17 की है, नए प्रधानाध्यापक ने इस मामले में कई बार डीईओ को पत्र दिया अब इसकी जांच की जा रही है, प्रधानाध्यापक रईसुल अहरार खान के अनुसार उपलब्ध कागजात डीपीओ को सौंप दिए गए हैं, वहीं पूर्व प्रधानाध्यापक अशोक कुमार राय इस मामले में गलतफहमी की बात कर रहे हैं उनका कहना है कि कंप्यूटर से कुछ गलती हुई होगी जबकि प्रधानाध्यापक रहसूल एहरार खान ने बताया कि राय के रिटायरमेंट के बाद नो ड्यूज की मांग की गई थी इसके लिए अभीलेखों का अवलोकन किया गया तो अनियमितता एवं गबन उजागर होने लगा।
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बैंक स्टेटमेंट, छात्रों के एडमिशन रजिस्टर, उपस्थिति पंजी का अवलोकन करने के बाद सारे घपले सामने आने लगे, जिसमें बच्चों के खाते में नैपकिन का पैसा भेजना, खेल के सामान के नाम पर पैसा उठाव आदि शामिल है, स्कूल में खेल के एक भी सामान नहीं है बिना नामांकन के बोर्ड परीक्षा फॉर्म भरा गया और ऐसे लोगों के खाते में पैसा भेजा गया है जिनका नाम रजिस्टर में दर्ज ही नहीं है 2016 से लेकर 21 के बीच लगभग एक करोड़ एक लाख रूपए का गबन है वह खुद बारीकी से जांच कर रहे हैं।
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वही इस संबंध में डीपीओ माध्यमिक शिक्षा राजन कुमार गिरी ने बताया कि हलखोरी साह उच्च विद्यालय में गड़बड़ी की शिकायत पर जांच की जा रही है, विद्यालय में गबन आदि की जांच की गई, शिकायत पर विद्यालय छात्र कोष, विकास कोष, आरएमएस कोष, इंटर कोष के संबंधी दस्तावेजों के साथ संबंधित लोगों को बुलाया गया है।
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