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गुप्त सूचना पर रोका गया डीसीएम वाहन
उत्पाद विभाग को सूचना मिली थी कि एक डीसीएम वाहन से कफ सिरप की बड़ी खेप बिहार के रास्ते दूसरे राज्य में भेजी जा रही है। इसके बाद मोहनिया चेकपोस्ट पर वाहनों की सघन जांच शुरू की गई। इसी क्रम में संदेह होने पर एक डीसीएम को रोककर स्कैनर से जांच की गई, जिसमें चूड़ा के कट्टों के नीचे छिपाकर रखी गई कफ सिरप का पता चला।
151 पेटियों में मिली 3,020 लीटर सिरप
वाहन की तलाशी लेने पर कफ सिरप की कुल 151 पेटियां बरामद हुईं। उत्पाद विभाग ने पूरी खेप जब्त करते हुए वाहन पर सवार दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान प्रेम नारायण विश्वकर्मा और गोविंद विश्वकर्मा के रूप में हुई है। दोनों उत्तर प्रदेश के झांसी के निवासी बताए गए हैं।
पश्चिम बंगाल भेजी जा रही थी खेप
उत्पाद चेकपोस्ट प्रभारी इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर स्कैनर की मदद से डीसीएम की जांच की गई थी। इस दौरान चूड़ा के कट्टों के नीचे छिपाकर रखी गई फेरडील सिरप की 151 पेटियां बरामद हुईं। इसके बाद दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपितों ने कफ सिरप की खेप पश्चिम बंगाल ले जाने की बात बताई है। हालांकि, विभाग अब इसकी पुष्टि करने के साथ यह पता लगाने में जुटा है कि सिरप कहां से लाई गई थी और इसे किस व्यक्ति या गिरोह तक पहुंचाया जाना था।
तस्करी के पूरे नेटवर्क की पड़ताल शुरू
बड़ी मात्रा में कफ सिरप की बरामदगी के बाद उत्पाद विभाग ने तस्करी से जुड़े नेटवर्क की जांच तेज कर दी है। अधिकारियों का प्रयास है कि खेप के स्रोत, निर्धारित गंतव्य और इस अवैध कारोबार में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा सके। जांच और पूछताछ के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। मोहनिया चेकपोस्ट पर हुई इस कार्रवाई को प्रतिबंधित एवं नशीली दवाओं की अवैध तस्करी के खिलाफ महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।



