Bihar: कैमूर जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम उदयरामपुर के एक व्यक्ति का शव नदी से बरामद किया गया है, मृत व्यक्ति की पहचान रामविलास राजभर के 46 वर्षीय पुत्र समर राजभर के रूप में की गई है।
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मामले संबंधित मिली जानकारी के मुताबिक शुक्रवार की दोपहर स्थानीय ग्रामीणों द्वारा नदी में तैरता हुआ शव देखा गया जिसके बाद इसकी सूचना पूरे गांव में जंगल की आग की तरह फैल गई, जब घर वालों को सूचना मिली तो वह भी मौके पर पहुंचे और शव की पहचान हुई, इसके बाद इस घटना की सूचना परिजनों के द्वारा पुलिस को दी गई।
भोजपुरी गायक अभिषेक सिंह के घर तड़के गोलियां चलने से मचा हड़कंप, स्कॉर्पियो में भी तोड़फोड़
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तड़के साढ़े चार बजे गोलियों की आवाज से खुली नींद
अभिषेक सिंह के मुताबिक, सोमवार सुबह करीब साढ़े चार बजे घर के बाहर गाड़ी में तोड़फोड़ की आवाज सुनकर उनकी नींद खुली। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी दौरान उनके घर पर चार से पांच राउंड गोलियां चलाई गईं। हमलावरों ने ईंट-पत्थर से उनकी स्कॉर्पियो गाड़ी को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। गायक का कहना है कि घटना के दौरान उन्होंने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद मौके पर पुलिस की कार्रवाई शुरू हुई। घटना के बाद से मोहल्ले में दहशत का माहौल बना हुआ है।
गायकी की लोकप्रियता को लेकर विवाद का आरोप
अभिषेक सिंह ने दावा किया कि शिवकुमार विक्कू के साथ पिछले कुछ समय से उनका विवाद चल रहा है। उनके अनुसार, शिवकुमार उनसे वरिष्ठ गायक हैं और उनकी बढ़ती लोकप्रियता को लेकर नाराजगी की वजह से विवाद बढ़ा। अभिषेक ने यह भी आरोप लगाया कि स्टेज शो के दौरान उनके खिलाफ कई बार आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया था। हालांकि, विवाद और फायरिंग के बीच संबंध होने की बात फिलहाल शिकायतकर्ता के आरोपों पर आधारित है। पुलिस जांच के बाद ही घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
लिखित शिकायत के बाद जांच में जुटी पुलिस
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अनिकेत कुमार द्विवेदी ने बताया कि अभिषेक सिंह की ओर से थाने में लिखित शिकायत दी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटनास्थल से बरामद खोखों के आधार पर फायरिंग की घटना और इसमें शामिल लोगों की भूमिका का पता लगाया जा रहा है। बताया जाता है कि दोनों गायक जहानाबाद के कोर्ट एरिया में ही रहते हैं। अभिषेक सिंह मूल रूप से मखदुमपुर थाना क्षेत्र के आकोपुर गांव के निवासी हैं, जबकि शिवकुमार विक्कू घोसी इलाके के रहने वाले बताए जाते हैं। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटना को किसने अंजाम दिया और इसके पीछे क्या कारण थे। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी।
जानकारी देते हुए परिजनों के द्वारा बताया गया 8 अक्टूबर की शाम समर राजभर खेत की तरफ घूमने के लिए गए थे जिसके बाद वह वापस नहीं लौटे घर के परिजनों के द्वारा खोज बिन जा रही थी शुक्रवार की दोपहर स्थानीय ग्रामीणों के माध्यम से सूचना मिली की नदी में एक शव पड़ा है जब मौके पर परिजन पहुंचे तो समर राजभर के रूप में शव की पहचान हुई अज्ञात लोगों के द्वारा निर्ममता से गला रेतकर हत्या की गई है, जिसके बाद पुलिस को सूचना दिया गया।
शिक्षकों के वेतन भुगतान में गड़बड़ी की जांच तेज, छपरा डीईओ कार्यालय से निगरानी टीम ने अकाउंटेंट को दबोचा
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भागलपुर में जांच के बाद नगरा तक पहुंची कार्रवाई
शिक्षा विभाग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, भागलपुर में शिक्षकों के गलत वेतन भुगतान के मामलों की जांच के दौरान नगरा प्रखंड में भी कथित अनियमितता सामने आई थी। इसके बाद मामले की पड़ताल शुरू हुई और निगरानी टीम ने कार्रवाई की। बताया जाता है कि राजीव कुमार वर्ष 2007 से नगरा प्रखंड के प्रखंड संसाधन केंद्र (बीआरसी) में कार्यरत हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद वेतन भुगतान से संबंधित अभिलेखों और प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, उनकी व्यक्तिगत भूमिका और उन पर लगे आरोपों की आधिकारिक पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी।
वेतन भुगतान की पूरी प्रक्रिया जांच के दायरे में
शिक्षकों के वेतन भुगतान में मेकर, चेकर और एप्रूवर की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। विभागीय स्तर पर इन तीनों चरणों में संभावित गड़बड़ियों की जांच करने और भुगतान से पहले दस्तावेजों का सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे। ऐसे में जांच के दौरान यह पड़ताल महत्वपूर्ण मानी जा रही है कि वेतन निर्धारण और भुगतान की प्रक्रिया में किन स्तरों पर लापरवाही या अनियमितता हुई। संबंधित कर्मियों की भूमिका और भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड की जांच के आधार पर ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
सत्यापन प्रक्रिया से शिक्षकों के वेतन पर असर
वेतन भुगतान में कथित गड़बड़ी सामने आने के बाद भुगतान से पहले सत्यापन की प्रक्रिया सख्त किए जाने की जानकारी मिली है। इसके कारण कुछ शिक्षकों के वेतन भुगतान में देरी होने की बात भी सामने आई है। निगरानी विभाग की कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में इस मामले को लेकर चर्चा तेज है। फिलहाल, विभागीय अधिकारियों की ओर से पूरे प्रकरण पर विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब जांच की प्रगति और वेतन भुगतान में कथित अनियमितता से जुड़े अन्य तथ्यों पर सबकी नजरें टिकी हैं।
वहीं इस मामले से संबंधित जानकारी लेने पर थानाध्यक्ष विजय प्रसाद के द्वारा बताया गया नदी से बरामद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भभुआ सदर अस्पताल भेजा गया था जहां से पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है, मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी है।
भाभी को लेकर हुए विवाद में बड़े भाई ने छोटे भाई को मारी गोली, हालत गंभीर; पटना रेफर
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जानकारी के अनुसार, गुरुवार रात श्रीनगर भकुरा गांव निवासी मनोज कुमार शर्मा उर्फ मोनू शर्मा (25 वर्ष) का अपनी भाभी को लेकर की गई टिप्पणी पर बड़े भाई से विवाद हो गया। दोनों के बीच कहासुनी इतनी बढ़ गई कि बड़े भाई ने गुस्से में आकर तमंचे से छोटे भाई के सीने में गोली चला दी। गोली लगते ही मनोज गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। घटना के बाद परिवार में अफरा-तफरी मच गई।
परिजन तत्काल उसे इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया।
मुफस्सिल थाना प्रभारी राम कल्याण यादव ने बताया कि शुरुआती जांच में भाभी को लेकर विवाद होने की बात सामने आई है। पुलिस आरोपित से पूछताछ कर रही है और घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।





