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बताया जा रहा है कि बाढ़ के पानी में यह कछुआ ग्रामीणों की नजर में आया। इसकी पीठ पर बने असामान्य पैटर्न को देखकर स्थानीय लोग हैरान रह गए। कछुए को देखने के साथ ही लोगों ने मोबाइल फोन से उसकी तस्वीरें और वीडियो बनाकर इंटरनेट मीडिया पर साझा करना शुरू कर दिया। कछुए के खोल पर बने पीले निशान ही इसकी सबसे खास बात बताए जा रहे हैं। सामान्य नजर से देखने पर ऐसा लगता है, मानो खोल पर अंग्रेजी के अक्षर उकेरे गए हों। इसी वजह से स्थानीय स्तर पर इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं और कुछ लोग इसे दुर्लभ प्रजाति का कछुआ भी बता रहे हैं।
हालांकि, कछुए की प्रजाति को लेकर अभी कोई वैज्ञानिक पुष्टि नहीं हुई है। उपलब्ध तस्वीरों के आधार पर इसे इंडियन फ्लैपशेल टर्टल से जोड़कर देखा जा रहा है, स्थानीय लोगों का अनुमान है कि गंडक नदी में आई बाढ़ के कारण यह कछुआ पानी के बहाव के साथ नदी से निकलकर मैदानी इलाके तक पहुंचा होगा। फिलहाल इसकी वास्तविक प्रजाति और खोल पर बने पीले निशानों की प्रकृति का पता वन्यजीव विशेषज्ञों की जांच के बाद ही चल सकेगा। तब तक इसे दुर्लभ प्रजाति का कछुआ बताना महज चर्चा ही माना जाएगा।