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पहला हादसा: घायल युवक घंटों तड़पता रहा, अस्पताल पहुंचने पर हुई मौत
पहली घटना कर्मनाशा और खजुरा के बीच हुई। जानकारी के अनुसार, दुर्गावती थाना क्षेत्र के भोरेयां गांव निवासी 24 वर्षीय रोहित सिंह बनारस के रामनगर स्थित अपने मकान से बाइक से गांव लौट रहे थे। इसी दौरान किसी अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी और चालक मौके से फरार हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रोहित काफी देर तक सड़क किनारे घायल अवस्था में पड़े रहे। बाद में स्थानीय लोगों ने उन्हें अनुमंडल अस्पताल मोहनिया पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक के पिता वकील सिंह ने आरोप लगाया कि दुर्घटना की सूचना मिलने के बावजूद पुलिस समय पर घटनास्थल नहीं पहुंची। उनका कहना है कि यदि समय रहते राहत मिल जाती तो शायद बेटे की जान बच सकती थी।

दूसरी घटना भभुआ-मुंडेश्वरी मार्ग पर हुई।
रामगढ़ थाना क्षेत्र के ऊपरी गांव निवासी 40 वर्षीय राजेश राम मां मुंडेश्वरी मंदिर में दर्शन के लिए आए थे। सड़क पार कर वाहन पकड़ने के दौरान किसी अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी।
स्थानीय लोगों ने उन्हें सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए वाराणसी रेफर किया गया। लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि मृतक के परिवार में दो बेटे और दो बेटियां हैं, जिनमें एक बेटे और एक बेटी की शादी अभी बाकी है। उन्होंने प्रशासन से मुआवजा देने की मांग की है।
तीसरी घटना भगवानपुर थाना क्षेत्र के औसान गांव के समीप हुई।
मजदूरी कर साइकिल से घर लौट रहे लोगों को सामने से आ रहे तेज रफ्तार डंपर ने टक्कर मार दी। हादसे में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डिहां कला गांव निवासी मुकेश कुमार, पिता जवाहर राम, की इलाज के दौरान मौत हो गई। लोगों में आक्रोश, प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग। एक ही दिन में तीन अलग-अलग सड़क हादसों में तीन लोगों की मौत के बाद लोगों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि भारतमाला परियोजना में लगे भारी वाहनों की रफ्तार पर तत्काल नियंत्रण लगाया जाए, संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की नियमित निगरानी बढ़ाई जाए और यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए, ताकि लगातार हो रही दुर्घटनाओं पर रोक लग सके।




