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एक के बाद एक मंदिरों को बना रहे निशाना
चांद प्रखंड में पिछले एक महीने के दौरान चोरों ने करीब आधा दर्जन मंदिरों को निशाना बनाया है। अक्टूबर महीने में बढ़ाडी गांव स्थित काली मंदिर में चोरी की घटना हुई थी। इसके बाद 2 नवंबर 2026 को चांद शिव मंदिर से लाखों रुपये मूल्य के आभूषण, मुकुट और घंटा समेत अन्य सामान चोरी कर लिए गए थे। अब परसिया गांव के हनुमान मंदिर में हुई चोरी ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार धार्मिक स्थलों को निशाना बनाए जाने से ग्रामीणों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि मंदिरों में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने और आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस को विशेष अभियान चलाना चाहिए।
एक ही गिरोह पर पुलिस को शक
इस संबंध में चांद थानाध्यक्ष हरि प्रसाद शर्मा ने बताया कि मंदिरों में चोरी की घटनाओं का तरीका लगभग एक जैसा है। आशंका है कि इसके पीछे एक ही पेशेवर गिरोह सक्रिय है, जो लगातार मंदिरों को निशाना बना रहा है। पुलिस इस गिरोह की पहचान करने में जुटी है और जल्द ही चोरों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। थानाध्यक्ष ने मंदिरों में रात्रि के समय पुजारियों के नहीं रुकने को भी चोरी की घटनाओं का एक प्रमुख कारण बताया। हालांकि, लगातार हो रही वारदातों के बीच अब ग्रामीणों की मांग है कि पुलिस रात्रि गश्ती बढ़ाए और मंदिरों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए, ताकि धार्मिक स्थलों को चोरों के निशाने से बचाया जा सके।



