Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

जानकारी के अनुसार, गुरुवार की रात दोनों भाई घर की छत पर मच्छरदानी लगाकर सो रहे थे। देर रात करीब 11:30 बजे किसी विषैले सांप ने दोनों को डंस लिया। शुरुआत में परिवार के लोगों को इसकी भनक तक नहीं लगी। करीब 12:30 बजे बड़े भाई धर्मवीर ने अचानक तबीयत बिगड़ने की शिकायत की, जिसके बाद स्वजन घबरा गए। परिजन पहले एक स्थानीय ग्रामीण चिकित्सक से दवा लेकर आए, लेकिन कोई राहत नहीं मिली। हालत लगातार बिगड़ती गई और उसे उल्टियां होने लगीं। भोर करीब 3 बजे गंभीर स्थिति को देखते हुए परिजन उसे कर्मा गांव झाड़-फूंक के लिए ले गए, लेकिन वहां भी कोई फायदा नहीं हुआ। इसके बाद उसे तत्काल मोहनिया अनुमंडल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
इधर, बड़े भाई की हालत बिगड़ने के कुछ ही समय बाद छोटे भाई धर्मराज की तबीयत भी तेजी से खराब होने लगी। उसे पहले मोहनिया अनुमंडल अस्पताल ले जाया गया, जहां से चिकित्सकों ने सदर अस्पताल भभुआ रेफर कर दिया। वहां से बेहतर इलाज के लिए वाराणसी भेजा गया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी भी जान नहीं बचाई जा सकी। ग्रामीणों के अनुसार, सत्येंद्र बैठा के केवल यही दो बेटे थे। एक ही रात में दोनों बेटों की मौत से माता-पिता बेसुध हैं और पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। इस दर्दनाक घटना के बाद अजगरा गांव में मातम पसरा हुआ है और हर आंख नम है।