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घटना राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर रात करीब एक बजे की बताई जा रही है। पीड़ित चालक वाराणसी से मरीज छोड़कर वापस लौट रहा था। इसी दौरान जांच चौकी पर बिना नंबर प्लेट लगी स्कॉर्पियो से पहुंचे कुछ कर्मियों ने एंबुलेंस को रुकवाया और शराब जांच के नाम पर तलाशी शुरू कर दी। चालक का आरोप है कि जब उसने वाहन में शराब नहीं होने की बात कही तो कर्मी भड़क गए। देखते ही देखते बहस बढ़ गई और उसके साथ मारपीट की गई। चालक ने आरोप लगाया कि उसे गालियां देते हुए डंडों से पीटा गया, जिससे उसे चोटें आई हैं। घटना की जानकारी फैलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। माहौल तनावपूर्ण होता देख मोहनिया पुलिस और SDPO मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। स्थानीय लोगों ने भी उत्पाद विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग की।
दुर्गावती थाना प्रभारी गिरीश कुमार ने बताया कि एंबुलेंस चालक की ओर से लिखित आवेदन दिया गया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच चौकी और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कैमूर समेत कई जिलों में शराबबंदी अभियान के दौरान वाहन चालकों से दुर्व्यवहार और अवैध वसूली के आरोप समय-समय पर सामने आते रहे हैं। हालांकि इस बार मामला एंबुलेंस सेवा से जुड़ा होने के कारण लोगों में ज्यादा नाराजगी देखी जा रही है। नियमों के मुताबिक आपातकालीन सेवा वाहनों को प्राथमिकता और निर्बाध रास्ता देने का प्रावधान है।



