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मामला भभुआ नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 25 का बताया जा रहा है। पीड़िता भगवनी देवी, पति संजय पांडे, ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि उनकी 14 वर्षीय बेटी निशू कुमारी पिछले करीब छह महीनों से वार्ड 25 निवासी कविलाश डोम के पुत्र जेलर डोम के साथ उसके घर पर रह रही है। महिला का आरोप है कि जेलर डोम और उसके परिवार वालों ने उसकी बेटी पर किसी तरह का “जादू-टोना” या “कुछ खिलाकर असर” कर दिया है, जिसके कारण बेटी अब परिवार की कोई बात नहीं मानती। उन्होंने बताया कि काफी समझाने के बाद भी बेटी वापस घर नहीं लौटी, जिसके बाद सामाजिक दबाव और बदनामी के डर से उन्होंने उसे वहीं रहने दिया।
पीड़िता के अनुसार, शनिवार को जब वह घर में अकेली थी तभी जेलर डोम, उसके पिता कविलाश डोम, परिवार की अन्य महिलाएं और उसकी बेटी निशू वहां पहुंचे। सभी ने उस पर “भूत-प्रेत करने” का आरोप लगाना शुरू कर दिया। महिला ने जब इन आरोपों से इनकार किया और जांच कराने की बात कही, तो सभी लोग आक्रामक हो गए। आरोप है कि इसके बाद सभी ने मिलकर लाठी-डंडे, लात-घूंसों से उसकी जमकर पिटाई कर दी। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और किसी तरह महिला को बचाया। पीड़िता का कहना है कि मारपीट के दौरान हमलावर उसकी सोने की चेन और नाक की नथुनी भी लेकर फरार हो गए। घटना के बाद घायल अवस्था में महिला भभुआ थाना पहुंची और आरोपियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आवेदन लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



