Bihar: कैमूर जिला परिषद की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। जिला परिषद अध्यक्ष रिंकी सिंह के खिलाफ सात जिला परिषद सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव का ज्ञापन जिला पदाधिकारी (डीएम) को सौंप दिया है। इसके साथ ही जिला परिषद में सत्ता परिवर्तन की अटकलें भी तेज हो गई हैं। जिला परिषद सदस्यों का आरोप है कि अध्यक्ष द्वारा योजनाओं के संचालन में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। उनका कहना है कि कई विकास कार्य सदस्यों को जानकारी दिए बिना स्वीकृत और संचालित किए जा रहे हैं। साथ ही नियमित बैठकें भी समय पर नहीं बुलाई जा रही हैं, जिससे निर्वाचित सदस्यों की भूमिका प्रभावित हो रही है।
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जिला परिषद सदस्य विकास उर्फ लल्लू सिंह ने बताया कि पंचायत राज विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रत्येक तीन माह पर बैठक होना अनिवार्य है, लेकिन छह माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद बैठक नहीं कराई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि हाई मास्क लाइट लगाने जैसी योजनाओं में भी सदस्यों को विश्वास में नहीं लिया गया। उनका यह भी कहना है कि लगभग डेढ़ लाख रुपये की लागत वाली हाई मास्क लाइट के लिए छह लाख रुपये से अधिक के बिल बनाए जाने का मामला भी गंभीर है, जिसकी जांच की मांग पहले से चल रही है। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष के कार्यशैली से असंतुष्ट होकर सात जिला परिषद सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव का ज्ञापन जिला परिषद कार्यालय और डीएम कार्यालय में सौंपा है। उनका दावा है कि अन्य छह सदस्य भी उनके संपर्क में हैं। जिले में कुल 19 जिला परिषद सदस्य हैं और अविश्वास प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के लिए कम से कम 10 सदस्यों का समर्थन आवश्यक है।
इधर, मोहनियां की जिला परिषद सदस्य गीता पासी ने भी अध्यक्ष के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि योजनाओं को सदस्यों की जानकारी और सहमति के बिना स्वीकृत कर कार्य कराया जा रहा है, जो नियमों के विपरीत है। इसी कारण अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है। गौरतलब है कि हाल के दिनों में हाई मास्क लाइट योजना में कथित अनियमितता के आरोपों को लेकर भी जिला परिषद अध्यक्ष चर्चा में रही हैं। इस मामले में जिला पदाधिकारी के निर्देश पर जांच पहले से जारी है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अविश्वास प्रस्ताव को पर्याप्त समर्थन मिल पाता है या नहीं। यदि आवश्यक संख्या में सदस्य साथ आते हैं तो जिला परिषद में नेतृत्व परिवर्तन की स्थिति बन सकती है। उल्लेखनीय है कि यह दूसरी बार है जब कैमूर जिला परिषद अध्यक्ष रिंकी सिंह के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है।