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इसी दौरान जयपुर गांव के पास एक अज्ञात व्यक्ति ने उनसे बाइक पर बैठाने की बात कही। आरोप था कि रास्ते में बदमाश ने उनसे 70 हजार रुपए लूट लिए और उनकी बाइक में आग लगा दी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर आसपास के इलाके में छानबीन शुरू की। लेकिन जांच के दौरान पुलिस को लूट या आगजनी से जुड़ा कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला। मामला संदिग्ध लगने पर पुलिस ने शिकायतकर्ता से गहराई से पूछताछ की।
पूछताछ में पूरा मामला सामने आ गया। पुलिस के अनुसार बाइक को खुद शशिकांत ने ही आग लगाई थी और लूट की कहानी मनगढ़ंत थी।
मोहनियां एसडीपीओ गोपाल कृष्णा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि शिकायतकर्ता पर संभवतः किसी का कर्ज था। उसी दबाव से बचने और किसी अन्य व्यक्ति को फंसाने की नीयत से उसने झूठी लूट की साजिश रची। पुलिस अब मामले के हर पहलू की जांच कर रही है ताकि पूरे घटनाक्रम के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। वहीं पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बिना पुष्टि किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें और भ्रामक जानकारी फैलाने से बचें।
इस दौरान सर्किल इंस्पेक्टर सुनील कुमार निर्झर, डीआईओ प्रभारी अवधेश कुमार तथा थानाध्यक्ष आलोक कुमार मौजूद रहे।