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उद्घाटन के एक महीने बाद ही अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय की व्यवस्था पर उठे गम्भीर सवाल, मंत्री के आवास पहुंचे छात्र

चैनपुर अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय में अव्यवस्था, मंत्री के आवास पहुंचे छात्र

Bihar: कैमूर जिले के चैनपुर स्थित बिहार राज्य अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय की व्यवस्था को लेकर विद्यार्थियों में नाराजगी सामने आई है। घटिया भोजन, निर्धारित मेन्यू का पालन नहीं होने और शिक्षकों की कमी से परेशान छात्र-छात्राएं मंगलवार को स्थानीय विधायक सह बिहार सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद जमा खान के आवास पर अपनी शिकायत लेकर पहुंच गए। विद्यार्थियों का आरोप है कि करोड़ों रुपये की लागत से बने इस आवासीय विद्यालय में उन्हें अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। हालांकि, मंत्री के आवास पर मौजूद नहीं रहने के कारण विद्यार्थियों की उनसे मुलाकात नहीं हो सकी। छात्र-छात्राओं ने विद्यालय प्रबंधन पर भोजन की गुणवत्ता और मात्रा में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि आवासीय विद्यालय में रहने के बावजूद उन्हें निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं मिल रहा है। इसके साथ ही कई विषयों के शिक्षकों की कमी के कारण पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। विद्यार्थियों ने बताया कि वे अपने परिवार से दूर रहकर बेहतर शिक्षा हासिल करने के उद्देश्य से यहां आए हैं, लेकिन बुनियादी सुविधाओं की कमी से उनकी पढ़ाई और दिनचर्या प्रभावित हो रही है।

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एक महीने से कई विद्यार्थियों की तबीयत खराब होने का दावा

विद्यालय की व्यवस्था को लेकर विद्यार्थियों ने स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का मुद्दा भी सामने आया है, पिछले एक महीने से प्रतिदिन लगभग 20 से 25 छात्र-छात्राएं इलाज के लिए चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच रहे हैं। इस दावे की पुष्टि के लिए सीएचसी के ओपीडी में दर्ज मरीजों के रिकॉर्ड की जांच की जा सकती है।

58 करोड़ की लागत से बना है आवासीय परिसर

गौरतलब है कि बिहार राज्य अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय का उद्घाटन 10 सितंबर को अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद जमा खान ने किया था। लगभग 58 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस परिसर में 560 विद्यार्थियों के रहने की क्षमता है। यहां कक्षा नौवीं से बारहवीं तक की पढ़ाई की व्यवस्था की गई है। विद्यालय के उद्घाटन के समय स्थानीय लोगों और अभिभावकों को उम्मीद थी कि विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा के साथ आवास, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। लेकिन उद्घाटन के कुछ ही सप्ताह बाद व्यवस्था को लेकर उठे सवालों ने विद्यालय के संचालन और प्रबंधन पर ध्यान आकर्षित किया है।

विद्यार्थियों ने बताई अपनी परेशानी

प्रदर्शन में शामिल कटिहार के छात्र मोहम्मद अमान, किशनगंज के अजीमत और कैमूर के अरमान अंसारी ने भोजन की गुणवत्ता और शिक्षकों की कमी को लेकर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि हॉस्टल में रहने वाले विद्यार्थियों को पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण भोजन मिलना चाहिए, जबकि पढ़ाई के लिए सभी आवश्यक विषयों के शिक्षकों की उपलब्धता भी जरूरी है। वहीं, अररिया की छात्रा नूरजबी और कैमूर की फिजा जहां ने आरोप लगाया कि विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पोषण संबंधी जरूरतों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। छात्राओं के अनुसार, उन्होंने अपनी समस्याओं को विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं और प्रबंधन के समक्ष कई बार रखा, लेकिन उन्हें संतोषजनक समाधान नहीं मिला। इसके बाद उन्हें अपनी बात सीधे मंत्री तक पहुंचाने के लिए उनके आवास जाना पड़ा, विद्यार्थियों ने कहा कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वे दोबारा मंत्री से मिलकर अपनी मांगें रखेंगे।

प्राचार्य ने स्वीकार की कुछ कमियां, सुधार का दिया भरोसा

विद्यार्थियों के आरोपों पर विद्यालय के प्राचार्य विनोद कुमार विमल ने कहा कि संस्थान के शुरुआती दौर में कुछ कमियां हैं, जिन्हें दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। उनके अनुसार, विद्यालय में पढ़ाई नियमित रूप से चल रही है और फिलहाल भौतिकी विषय के शिक्षक की कमी है। इस संबंध में विभाग को मांग भेजी गई है। भोजन व्यवस्था पर प्राचार्य ने बताया कि मेन्यू हाल ही में लागू किया गया है। अब विद्यार्थियों को निर्धारित मेन्यू और मानकों के अनुरूप भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शुरुआती समस्याओं को जल्द दूर कर लिया जाएगा।

अब सुधारात्मक कार्रवाई पर टिकी निगाहें

58 करोड़ रुपये की लागत और 560 विद्यार्थियों की क्षमता वाले आवासीय विद्यालय में भोजन, शिक्षकों और स्वास्थ्य संबंधी शिकायतें सामने आने के बाद अब व्यवस्था में सुधार की जरूरत महसूस की जा रही है। विद्यार्थियों की शिकायतों के बीच यह महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित विभाग और प्रशासन भोजन की गुणवत्ता, शिक्षकों की उपलब्धता, स्वास्थ्य संबंधी शिकायतों तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं की जांच कराकर आवश्यक कदम उठाएं। फिलहाल, विद्यार्थियों को प्रबंधन के आश्वासन के अनुरूप सुविधाएं मिलने और उनकी समस्याओं का समाधान होने का इंतजार है।

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