Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
तस्करी की कार में लगी आग, पानी में धकेलकर भागे सवार
मामला मोहनियां थाना क्षेत्र के दसौती गांव के समीप का है। प्रत्यक्षदर्शी आनंद सिंह के अनुसार, सड़क से गुजर रही हरियाणा नंबर की सफेद कार में अचानक आग लग गई। कार में शराब लदी हुई थी। स्थिति बिगड़ती देख कार सवार लोगों ने पहले गाड़ी से शराब की एक बोतल निकाली और फिर कार को धक्का देकर सड़क किनारे पानी से भरे गड्ढे में पलट दिया। इसके बाद सभी लोग पास के नहर वाले रास्ते से फरार हो गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों और राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही मोहनियां थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से पानी में डूबी कार को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया।
पानी में तैरने लगे शराब के पैकेट, मची उठाने की होड़
कार को बाहर निकालने के दौरान उसके अगले हिस्से से फ्रूटी पैक 8PM शराब के पैकेट पानी में गिरकर तैरने लगे। इसके बाद मौके पर मौजूद कुछ लोग शराब के पैकेट उठाने के लिए पानी में उतर गए। देखते ही देखते वहां शराब के पैकेट लूटने जैसी स्थिति बन गई। वायरल वीडियो में कुछ लोग पानी से शराब के पैकेट निकालकर अपने कपड़ों में छिपाते और वहां से जाते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि कार को बाहर निकालने में मदद कर रहे कुछ लोग भी शराब के पैकेट लेकर चले गए। इस दौरान पुलिसकर्मी घटनास्थल पर मौजूद थे।
पुलिस के बयान और वायरल वीडियो में दिख रहा अंतर
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस की भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे हैं। वीडियो में कुछ लोग खुलेआम शराब के पैकेट लेकर जाते दिखाई दे रहे हैं, जबकि मोहनियां थानाध्यक्ष मुकेश कुमार का कहना है कि ग्रामीणों ने शराब उठाई थी, लेकिन उसे वापस ले लिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि शराब लेकर कोई फरार नहीं हुआ। वहीं, मौके पर मौजूद पीटीसी पुलिस अधिकारी योगेंद्र कुमार ने बताया कि पुलिस को कार में आग लगने और उसे पानी में धकेले जाने की सूचना मिली थी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो कार में शराब मिली। कार सवार लोग पुलिस के पहुंचने से पहले ही फरार हो चुके थे। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार और बची हुई शराब को जब्त कर लिया है। वाहन को मोहनियां थाने लाकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
हरियाणा नंबर की कार से बिहार में शराब की तस्करी
इस घटना ने एक बार फिर दूसरे राज्यों से बिहार में शराब पहुंचाने वाले तस्करी नेटवर्क पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हरियाणा नंबर की कार में शराब की खेप लेकर तस्कर किस रास्ते से गुजर रहे थे और इस कारोबार में कौन-कौन लोग शामिल हैं, इसकी जांच जरूरी है। कार में आग लगने के बाद उसे पानी में धकेलने की वजह और कार सवार लोगों की पहचान भी पुलिस के लिए अहम जांच का विषय है।
शराबबंदी कानून और जब्त शराब की सुरक्षा पर उठे सवाल
बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बावजूद शराब की तस्करी के मामले लगातार सामने आते रहते हैं। मोहनियां की इस घटना में एक तरफ दूसरे राज्य की गाड़ी से शराब बरामद होने का मामला है, तो दूसरी तरफ पुलिस की मौजूदगी में शराब के पैकेट उठाए जाने का वायरल वीडियो भी चर्चा में है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब्त की जाने वाली शराब की सुरक्षा और मौके पर मौजूद भीड़ को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी किसकी थी? वहीं, पुलिस के दावे और वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम के बीच अंतर को देखते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है। हालांकि, इस एक घटना के आधार पर शराबबंदी कानून की समग्र सफलता या विफलता का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता, लेकिन यह मामला तस्करी पर नियंत्रण और जब्त शराब की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल जरूर खड़े करता है।



