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बताया जाता है कि वह गांव के आंगनबाड़ी केंद्र में सेविका के पद पर कार्यरत थीं और रोज की तरह सुबह करीब 6 बजे पढ़ाने के लिए निकली थीं। परिजनों के अनुसार, रेनू देवी अपने भतीजे दीपक तिवारी के साथ बाइक से केंद्र जा रही थीं। इसी दौरान खानेठी और हथियाबंध के बीच सड़क पर पहले से गिरा एक बिजली का पोल पड़ा हुआ था। अचानक सामने आए इस अवरोध के कारण बाइक अनियंत्रित होकर फिसल गई और रेनू देवी सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गईं।
घटना के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से उन्हें तुरंत भभुआ सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा की प्रक्रिया पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों ने बताया कि रेनू देवी के दो बेटे हैं, जिनकी अभी शादी नहीं हुई है और पूरे परिवार की जिम्मेदारी उन्हीं पर थी। ऐसे में उन्होंने जिला प्रशासन और सरकार से आपदा राहत के तहत आर्थिक सहायता देने की मांग की है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और दुर्घटना के कारणों की पड़ताल की जा रही है।



