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सावन की तीसरी सोमवारी और नागपंचमी पर शिवालयों में उमड़ी भीड़, हांडी फोड़ व पारंपरिक खेलों में दिखा उत्साह

चैनपुर में सावन की तीसरी सोमवारी व नागपंचमी पर उमड़ी भीड़

Bihar: कैमूर जिले के चैनपुर प्रखंड क्षेत्र में सावन की तीसरी सोमवारी और नागपंचमी का पर्व एक साथ पड़ने से सोमवार को धार्मिक आस्था के साथ-साथ पारंपरिक उत्सव का माहौल देखने को मिला। सुबह से ही विभिन्न शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। शिवभक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक और पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान पूरा क्षेत्र हर-हर महादेव और भगवान शंकर के जयकारों से गूंजता रहा।

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चैनपुर बाजार स्थित हरसू ब्रह्म मंदिर सहित नगर पंचायत हाटा के शिवालय एवं श्रद्धालुओं के बीच प्रसिद्ध अमांव में स्थित श्री दयाल नाथ स्वामी महादेव के मंदिर एवं प्रखंड के विभिन्न शिव मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही। श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर जल, दूध, शहद, दही, फल और फूल अर्पित कर पूजा-अर्चना की। दोपहर बाद कई मंदिरों में भगवान शिव का रुद्राभिषेक किया गया। वहीं, लोगों ने अपने-अपने घरों में भी भगवान शिव का रुद्राभिषेक कर सावन सोमवारी का व्रत और पूजन किया। इधर, नागपंचमी के अवसर पर नगर पंचायत हाटा बाजार में हांडी फोड़ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन चेयरमैन रमेश जायसवाल के द्वारा किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। हांडी फोड़ प्रतियोगिता में विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर उनका उत्साह बढ़ाया गया। कार्यक्रम के दौरान लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला।

चैनपुर प्रखंड के विभिन्न गांवों में भी नागपंचमी को लेकर विशेष आयोजन हुए। लोगों ने नाग देवता की पूजा-अर्चना कर लावा और दूध चढ़ाया। घरों में विभिन्न प्रकार के पारंपरिक पकवान बनाए गए। इसके बाद खेत-खलिहान और मैदानों में पारंपरिक खेलों का आयोजन हुआ, जिसमें कबड्डी, लंबी कूद, ऊंची कूद, चिक्का सहित कई खेल शामिल रहे। इन खेलों में युवकों के साथ-साथ बुजुर्ग और अन्य ग्रामीणों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। खेलों में जोश, आक्रामकता और संयम का अनूठा मेल देखने को मिला। सिरसी निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक लालता प्रसाद सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं का रुझान क्रिकेट और मोबाइल गेम की ओर अधिक बढ़ गया है। पारंपरिक खेल अब मुख्य रूप से पर्व-त्योहारों के अवसर पर ही देखने को मिलते हैं। नागपंचमी जैसे पर्व इन पारंपरिक खेलों और ग्रामीण संस्कृति को जीवंत बनाए रखने का काम करते हैं। नागपंचमी और सावन की सोमवारी के अवसर पर महिलाओं और युवतियों में भी खासा उत्साह रहा। गांवों में नीम, पीपल सहित अन्य पेड़ों पर झूले लगाए गए। महिलाओं, युवतियों और बच्चों ने सावन के मधुर गीतों के बीच झूला झूलने का आनंद लिया। कई स्थानों पर देर रात तक झूला झूलने और पर्व की खुशियां मनाने का सिलसिला चलता रहा। इस तरह सावन की तीसरी सोमवारी और नागपंचमी एक साथ पड़ने से चैनपुर प्रखंड क्षेत्र में दिनभर धार्मिक आस्था, पारंपरिक खेल, सांस्कृतिक उल्लास और आपसी भाईचारे का माहौल बना रहा।

 

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