Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

वही ससुराल वालों ने कानून के फंदे से बचने के लिए हाथ से आनन-फानन में मृतका के शव को रातों-रात जलाकर सुराग मिटाने की कोशिश की इस मामले में थाना क्षेत्र अंतर्गत नखतौल गांव निवासी मृतका की मां मुन्नी देवी परिवार के कई सदस्यों के साथ थाने पहुंची और पुलिस को आवेदन देकर दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर उनकी विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।
- फर्जी इमिग्रेशन रैकेट का खुलासा, दो थाई महिलाएं गिरफ्तार, एसएसबी की सतर्कता से खुली सीमा पार कराने वाले गिरोह की पोल
- 245 ग्राम ब्राउन शुगर और नशे की गोलियों के साथ 1 तस्कर गिरफ्तार
थाने में दिए गए आवेदन में बताया गया है कि उनकी पुत्री शिमला देवी की शादी वर्ष 2012 में किनरचोला गांव निवासी श्रीराम के पुत्र टुनटुन राम से हुई थी तब से दहेज को लेकर ससुराल पक्ष द्वारा उसकी बेटी शिमला को मारपीट कर प्रताड़ित किया जा रहा था इसी बीच ससुराल पक्ष के लोगों द्वारा मारपीट कर कई बार घर से भी भगा दिया जाता था, जबकि मायके पक्ष के लोगों द्वारा उन्हें कई बार समझाने बुझाने की भी कोशिश की गई।
- पंकज त्रिपाठी के पैतृक गांव में खूनी विवाद, बड़े भाई पर कुल्हाड़ी से हमला, एक आरोपी गिरफ्तार
- विदेश नौकरी का सपना दिखाकर करोड़ों की ठगी! आरोपी की 1.40 करोड़ की संपत्ति पर जांच का शिकंजा
बीते बुधवार की देर शाम मृतका शिमला देवी की हत्या का सुराग मिटाने के लिए उसकी मृत शरीर को रातों-रात जला दिया गया, पुलिस को दिए गए आवेदन में पीड़ित की मां मुन्नी देवी ने मृत महिला के ससुर श्रीराम, पति टुनटुन राम, मंटू राम, लाल साहेब राम, पप्पू राम, पिंटू राम, फतेह राम समेत ससुराल पक्ष की कुल 7 लोगों को नामजद बताया, वही पांच अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध भी कार्रवाई करने की मांग की है।
- APK फाइल के जाल से करोड़ों की साइबर ठगी, पुलिस के हत्थे चढ़ा मास्टरमाइंड
- रिश्ते का खौफनाक अंत: पत्नी की हत्या कर शव के पास बैठा रहा पति, गांव में पसरा सन्नाटा
इस संबंध में जानकारी देते हुए थानाध्यक्ष राकेश रौशन ने बताया कि मृतका के मायके वालों की सूचना के बाद शव जलाने वाले स्थल पर पुलिस पहुंची थी प्राप्त आवेदन के आधार पर एफआईआर दर्ज कर अनुसंधान की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।
- ज्ञान बिंदु एकेडमी निदेशक के भाई की नेपाल में मौत, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
- सम्राट सरकार के 30 दिन: विकास, सख्ती और नई व्यवस्थाओं की सात बड़ी पहल