Bihar कैमूर: समाज में महिलाओं की सुरक्षा के लिए महिला उत्पीड़न कानून बनाया गया है, मगर इस कानून का जरा भी असर समाज में देखने को नहीं मिलता है, लगातार महिला उत्पीड़न से संबंधित मामले सामने आते रहे हैं, महिलाओं के प्रति लोगों की सोच अभी भी नहीं बदली है, कई लोग विवाह के उपरांत महिलाओं को बंधुआ मजदूर समझते हैं, जिसका नतीजा है, घरेलू उत्पीड़न, इस उत्पीड़न में ज्यादातर ऐसे मामले आते हैं जिसमें घर की महिलाओं की भी सहभागिता होती है,
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आज भी काफी संख्या में ऐसी महिलाएं हैं जो घरेलू उत्पीड़न से पीड़ित है, लोक लाज के कारण अपनी जबान नहीं खोलती जिसका लाभ पतियों के द्वारा उठा जाता है, देश का कानून महिलाओं को बराबर की भागीदारी तो देती है, मगर समाज की सोच नहीं बदल सकी, ताजा मामला कैमूर जिले के चैनपुर प्रखंड क्षेत्र के भुवालपुर स्थित न्यू प्राथमिक विद्यालय का है, जहां कार्यरत शिक्षिका के साथ शिक्षण कार्य करने के दौरान पति के द्वारा मारपीट करने का मामला सामने आया है मामले को लेकर पीड़ित शिक्षिका के द्वारा चैनपुर थाना में आवेदन देते हुए शिकायत की गई है।
इससे जुड़ी जानकारी देते हुए न्यू प्राथमिक विद्यालय भुवालपुर में कार्यरत शिक्षिका मौसमी सिन्हा सासाराम गौरक्षणी की निवासी के द्वारा बताया गया 10 मई की तिथि को सुबह 9 बजे यह विद्यालय में शिक्षण कार्य कर रही थी, उसी दौरान इनके पति अमरेंद्र कुमार पिता नंदेश्वर लाल ग्राम गंगापुर के निवासी विद्यालय में आए और सभी शिक्षक एवं बच्चों के सामने गाली गलौज करने लगे जब इनके द्वारा मना किया गया तो उनके द्वारा मारपीट और दुर्व्यवहार किया गया।
शिक्षिका के द्वारा आगे बताया गया है, पति के द्वारा पूर्व में भी बीच सड़क पर इस तरह की मारपीट की गई है, जान से मारने की धमकी दी गई है, जिस कारण से यह मानसिक उत्पीड़न से गुजर रही है, परेशान होकर यह न्यायालय में तलाक के लिए अर्जी भी दी है, लगातार उत्पीड़न के कारण बीते 3 महीने से यह अपने मायके में ही रह कर गुजर बसर कर रही है।
इस मामले से संबंधित जानकारी लेने पर चैनपुर थानाध्यक्ष संजय कुमार के द्वारा बताया गया शिक्षकों के द्वारा दिए गए आवेदन पर मामले की जांच की जा रही है, उस आधार पर कार्रवाई होगी।