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वाराणसी से गंगाजल लेकर पहुंचे कांवरिए
मंदिर कार्यकर्ता बलदाऊ सिंह ने बताया कि अमांव में भादो की पहली सोमवारी पर वाराणसी से गंगाजल लाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करने की परंपरा कई वर्षों से चली आ रही है। इस परंपरा में स्थानीय ग्रामीणों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों से भी श्रद्धालु शामिल होते हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष भी कांवरियों का जत्था शनिवार को वाराणसी पहुंचा था। वहां से पवित्र गंगाजल लेकर श्रद्धालु सोमवार को अमांव पहुंचे और विधि-विधान के साथ श्री दयाल नाथ स्वामी महादेव का जलाभिषेक किया। मान्यता है कि मंदिर में श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा-अर्चना करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

भीड़ को लेकर प्रशासन रहा अलर्ट
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर में प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए गए थे। पुलिस पदाधिकारी के साथ एक दर्जन से अधिक महिला एवं पुरुष पुलिसकर्मी तैनात रहे। श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से कतार में मंदिर के अंदर भेजकर जलाभिषेक कराया गया, जिससे भीड़ के बावजूद व्यवस्था बनी रही।
पहली सोमवारी पर मां काली की वार्षिक पूजा भी संपन्न
भादो की पहली सोमवारी के अवसर पर अमांव में भगवान शिव की वार्षिक पूजा की परंपरा भी निभाई गई। ग्रामीणों के सहयोग से रात्रि में भगवान शिव की पूजा-अर्चना धूमधाम से संपन्न हुई। धार्मिक आयोजन को लेकर गांव में पूरे दिन उत्सव जैसा माहौल बना रहा। पूरे आयोजन को सफल बनाने में मंदिर के कार्यकर्ताओं गौतम सिंह, सरोज सिंह, रवि सिंह, दिवाकर सिंह, प्रभात सिंह, रोहित सिंह, चेलहा पटेल, बंशीधर सिंह, हृदय सिंह सहित अन्य लोगों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।



