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इसके बाद डीडीसी के निर्देश पर भभुआ पुलिस ने चुनमुन पासवान को गिरफ्तार कर चैनपुर थाना के हवाले कर दिया। प्रशासन का कहना है कि जनकल्याणकारी योजनाओं में किसी भी प्रकार की घूसखोरी या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। वायरल वीडियो में आरोपी आवास सहायक बिना किसी हिचकिचाहट के लाभुकों से नोटों की गड्डी लेते हुए नजर आ रहे थे। वीडियो वायरल होने के बाद पूरे क्षेत्र में इसकी व्यापक चर्चा शुरू हो गई थी। स्थानीय लोगों का दावा है कि वीडियो वर्ष 2025 की सर्दियों के दौरान बनाया गया था, क्योंकि आरोपी भारी जैकेट पहने हुए दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, वीडियो की वास्तविकता की पुष्टि प्रशासनिक जांच के बाद ही की गई।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़े पैमाने पर धांधली हो रही है। उनका कहना है कि वास्तविक गरीब और पात्र परिवार रिश्वत देने में असमर्थ होने के कारण योजना से वंचित रह जाते हैं, जबकि आर्थिक रूप से सक्षम लोग पैसे के बल पर योजना का लाभ हासिल कर लेते हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि केवल सिरबिट पंचायत ही नहीं, बल्कि पूरे चैनपुर प्रखंड में आवास योजना के लाभार्थियों के चयन और आवंटन की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। चैनपुर थाना के प्रभारी थानाध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार आवास सहायक से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



