Home बिहार मुख्यमंत्री के पढ़े-लिखे होने के बाद भी शिक्षा व्यवस्था में बदलाव ना...

मुख्यमंत्री के पढ़े-लिखे होने के बाद भी शिक्षा व्यवस्था में बदलाव ना होना उनके कार्यकाल का काला अध्याय

राजनीति रणनीतिकार प्रशांत किशोर

Bihar: चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने एक बार फिर बिहार सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि बिहार में नई सरकार को बने 4 महीने हो गए अब तक 10 हजार लोगों को ही नौकरी मिली है अगले 8 महीने में 9 लाख 90 हज़ार नौकरियां कहां से देंगे, उसे आप भी देख रहे हैं मैं भी देख रहा हूं।

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

रणनीतिकार प्रशांत किशोर

प्रशांत किशोर ने तेजस्वी यादव को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि तेजस्वी यादव को भी यह आईडिया नहीं है कि इतनी नौकरियां कहां से आएंगे, किसी सलाहकार ने लिख दिया उसी के बाद को दोहरा रहे हैं, उनको जानकारी नहीं है कि 10 लाख नौकरी देने की प्रक्रिया क्या है उसके लिए बजट का प्रावधान क्या होगा, इसे क्या, कैसे किया जाएगा बस जनता को बरगलाने के लिए कुछ भी बोल रहे हैं ताकि उन्हें वोट मिलता रहे।

बिहार में शिक्षा व्यवस्था ध्वस्त हो गई है यह केवल शिक्षकों की जिम्मेदारी नहीं है यह बड़े स्तर पर प्रशासन और शासकों की शिक्षा को लेकर कोई सूचना न होने का परिणाम है नीतीश कुमार के एक पढ़े-लिखे व्यक्ति होने के बाद भी शिक्षा में अब तक कोई बदलाव न आना उनके कार्यकाल का काला अध्याय है। ‌

मौजूदा के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि आरजेडी जिसने 15 साल बिहार में शासन किया और बिहार को गर्त में लेकर चले गए वह विकास के बात कर रहे हैं उसको मैं गंभीरता से कैसे ले सकता हूं नीतीश कुमार ने झूठा वादा किया कि वह 10 लाख लोगों को नौकरी देंगे।‌

Exit mobile version