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कुछ देर बना रहा संशय का माहौल
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक विवाह की प्रक्रिया शुरू होने से पहले कुछ समय के लिए स्थिति असमंजसपूर्ण हो गई थी। बताया जाता है कि युवक विवाह के उद्देश्य से मंदिर पहुंचा, लेकिन बाद में वहां से चला गया। इसके बाद लड़की पक्ष के लोगों ने मामले की जानकारी बेलांव थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मंदिर परिसर पहुंची और दोनों पक्षों से बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली। बाद में युवक की मां सुशीला देवी को भी मौके पर बुलाया गया। पुलिस और परिजनों की मौजूदगी में दोनों परिवारों के बीच बातचीत हुई, जिसके बाद विवाह को लेकर पूर्ण सहमति बन गई।
पुलिस की मौजूदगी में पूरी हुई विवाह की रस्में
सहमति बनने के बाद मंदिर परिसर में पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह समारोह संपन्न कराया गया। परिजनों, स्थानीय लोगों और पुलिस की मौजूदगी में दोनों ने एक-दूसरे को जयमाला पहनाई और वैवाहिक बंधन में बंध गए। युवक की मां ने लिखित रूप से यह भी स्पष्ट किया कि विवाह उनकी सहमति से हुआ है और वह अपनी बहू को सम्मानपूर्वक घर ले जा रही हैं। उन्होंने विवाह को लेकर किसी प्रकार की आपत्ति नहीं होने की बात कही।
सामाजिक सौहार्द की बनी चर्चा
विवाह संपन्न होने के बाद दोनों परिवारों ने नवदंपती को सुखद दांपत्य जीवन के लिए आशीर्वाद दिया। पूरे दिन इस विवाह की चर्चा क्षेत्र में होती रही। स्थानीय लोगों ने इसे सामाजिक सौहार्द, आपसी समझ और पारिवारिक सहमति का सकारात्मक उदाहरण बताया। पुलिस के अनुसार दोनों पक्षों की सहमति के बाद मामला शांतिपूर्ण ढंग से सुलझ गया और किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं हुई। यह विवाह क्षेत्र में सामाजिक समरसता और बदलती सोच की एक प्रेरक मिसाल बनकर उभरा।



