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जानकारी के अनुसार लक्ष्मीना देवी का पैर फ्रैक्चर हो गया था, जिसके इलाज के लिए उन्हें चंदौली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों ने बताया कि सोमवार को उनका ऑपरेशन हुआ था और वह वार्ड में बेड पर आराम कर रही थीं। इसी दौरान सिर पर लाल गमछा बांधे एक युवक अचानक अस्पताल के अंदर पहुंचा और लक्ष्मीना देवी पर ताबड़तोड़ गोली चला दी। गोली लगते ही उनकी मौके पर मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। आरोपी फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन अस्पताल में मौजूद लोगों और स्थानीय लोगों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। आरोपी की पहचान पंजाब निवासी गुरप्रीत के रूप में हुई है।
बताया जा रहा है कि आरोपी गुरप्रीत पर पिछले 24 घंटे के भीतर तीन हत्याओं का आरोप था और पुलिस उसे घटनास्थलों पर सीन रिक्रिएशन के लिए लेकर पहुंची थी। इसी दौरान उसने एक सब इंस्पेक्टर की पिस्टल छीनकर भागने का प्रयास किया। पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें गोली लगने से गुरप्रीत की मौत हो गई। उधर पोस्टमार्टम के बाद जब लक्ष्मीना देवी का शव गांव पहुंचा तो लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी। गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि लक्ष्मीना देवी बेहद मिलनसार स्वभाव की महिला थीं और गांव के सभी लोगों से उनका अच्छा व्यवहार था। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और शोक का माहौल बना हुआ है।



