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पीड़िता के अनुसार, ससुराल पक्ष के लोग अक्सर यह कहकर दबाव बनाते थे कि उसके मायके वालों ने दहेज में कुछ नहीं दिया है और जब तक कार नहीं मिलेगी तब तक उसे सम्मान नहीं मिलेगा। विरोध करने पर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता रहा। आवेदन में उल्लेख किया गया है कि 12 अक्टूबर 2025 को पति, सास-ससुर, देवर तथा अन्य परिजनों ने मिलकर उसे एक कमरे में बंद कर दिया और बेरहमी से मारपीट की। इस दौरान उसके गहने एवं अन्य स्त्रीधन भी छीन लिए गए। पीड़िता का आरोप है कि कई दिनों तक उसे भूखा-प्यासा रखा गया, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गई।
होश आने के बाद उसने किसी परिचित के मोबाइल फोन से अपने मायके वालों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने पर परिजन पहुंचे और उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। बाद में उसे मायके ले जाया गया, जहां वर्तमान में उसका इलाज जारी है। पीड़िता ने बताया कि मामले को सुलझाने के लिए पंचायत स्तर पर प्रयास भी किए गए, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। इसके बाद न्याय की उम्मीद में उसने चैनपुर थाना पहुंचकर कानूनी कार्रवाई की मांग की। इस संबंध में थानाध्यक्ष विजय प्रसाद ने बताया कि विवाहिता के आवेदन के आधार पर दहेज उत्पीड़न की प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई कर रही है।



