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SIT ने मामले में लगातार छापेमारी करते हुए तीन आरोपियों को हिरासत में लिया। इसके बाद मुख्य आरोपियों की तलाश में रातभर अलग-अलग स्थानों पर पुलिस की कार्रवाई जारी रही।
पुलिस को मंगलवार सुबह सूचना मिली कि मामले के दो मुख्य आरोपी प्रतापपुर गांव के बाहर नदी के बहियार में छिपे हुए हैं। इसके बाद पुलिस की अलग-अलग टीमों ने इलाके की घेराबंदी की। पुलिस के अनुसार, घेराबंदी देखकर एक आरोपी भागने लगा, इसी दौरान उसे चोट लगी और पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसकी पहचान हरेराम यादव के रूप में हुई। पुलिस ने बताया कि वायरल वीडियो में गमछा पहने दिखाई देने वाला आरोपी यही है। हरेराम यादव से पूछताछ के दौरान पुलिस को दूसरे मुख्य आरोपी नंदन यादव के भी उसी बहियार में छिपे होने की जानकारी मिली। इसके बाद अतिरिक्त बल बुलाकर पूरे इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। पुलिस का दावा है कि घेराबंदी के दौरान नंदन यादव ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में आत्मरक्षा के लिए पुलिस ने भी गोली चलाई, जिसमें नंदन यादव घायल हो गया।
पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर इलाज के लिए अस्पताल भेजा। मौके से एक अवैध हथियार बरामद किए जाने की भी जानकारी दी गई है। एसपी ने बताया कि इस मामले में अब तक कुल पांच गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। पुलिस आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार दोनों मुख्य आरोपी बालिग हैं और बालू तथा अवैध शराब के कारोबार से जुड़े रहे हैं। पुलिस ने मूल घटना के साथ-साथ नाबालिग का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने को भी गंभीरता से लिया है। एसपी के अनुसार वीडियो वायरल करने के मामले में साइबर थाने में अलग प्राथमिकी दर्ज की गई है। जांच के दौरान करीब 120 सोशल मीडिया प्रोफाइल और साइट्स को चिन्हित किया गया है। इस मामले में जमुई के तीन लोगों को डिटेन किया गया है, जिनमें रामाशीष नाम का व्यक्ति भी शामिल है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी विश्व दयाल ने लोगों से अपील की कि नाबालिग पीड़िता से संबंधित वीडियो को किसी भी माध्यम से शेयर या फॉरवर्ड न करें। उन्होंने कहा कि POCSO और किशोर न्याय कानून के प्रावधानों के तहत नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करना अपराध है। पुलिस ने सोशल मीडिया यूजर्स से वीडियो को आगे प्रसारित नहीं करने और जांच में सहयोग करने की अपील की है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के साथ उनके आपराधिक रिकॉर्ड और पूरे घटनाक्रम में उनकी भूमिका की जांच कर रही है।



