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मृतक राम पुकार यादव स्वर्गीय त्रिवेणी यादव उर्फ तीरो भगत के पुत्र थे और जनवरी 2022 से गुरुग्राम के सेक्टर-20 स्थित उद्योग विहार फेज-दो में टीयूवी एसयूडी साउथ एशिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में कार्यरत थे। उनकी पत्नी और एक छोटा बच्चा गांव में ही रहते हैं। परिजनों के मुताबिक, कंपनी के एक सुपरवाइजर ने राम पुकार को स्थायी नौकरी दिलाने का भरोसा देकर करीब पांच लाख रुपये लिए थे। आरोप है कि रुपये लेने के बावजूद उसे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता रहा। घटना से पहले युवक ने आठ पन्नों का सुसाइड नोट लिखा, जिसमें सुपरवाइजर पर मानसिक दबाव बनाने, प्रताड़ित करने और पत्नी को बिहार से हरियाणा बुलाने के लिए मजबूर करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
बताया गया कि आत्मघाती कदम उठाने से पहले राम पुकार ने सुसाइड नोट अपने भाई पंकज कुमार उर्फ माया यादव और भांजे पप्पू कुमार के सोशल मीडिया अकाउंट पर भेजा था। मैसेज देखने के बाद परिजनों ने तत्काल फोन कर उसे समझाने की कोशिश की और कहा कि वे जल्द पहुंच रहे हैं, लेकिन जब तक परिवार के लोग वहां पहुंचे, तब तक युवक फंदे से लटक चुका था। घटना की सूचना मिलने पर गुरुग्राम पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। वहीं मृतक के रिश्तेदार नोएडा और दिल्ली से भी घटनास्थल पहुंचे। परिजनों का आरोप है कि सोमवार शाम तक मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई, जिससे नाराज होकर वे शव लेकर गांव लौट आए।
मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा, जहां गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। घटना के बाद पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।



