Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
पहले पक्ष के मोरिक यादव ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि 8 जुलाई 2026 को उनके भाई राजकुमार यादव विवादित जमीन पर जबरन मकान का निर्माण करा रहे थे। जब उन्होंने अपने पुत्र रौशन यादव के साथ पहुंचकर बंटवारा होने तक निर्माण कार्य रोकने की बात कही तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इसके बाद राजकुमार यादव, रामदुलार यादव, भोला यादव समेत कई लोगों ने लाठी-डंडे से हमला कर दिया। मारपीट में मोरिक यादव, उनके पुत्र रौशन यादव और बीच-बचाव करने पहुंचीं उनकी पत्नी मीरा देवी घायल हो गईं। सभी घायलों का अस्पताल में इलाज कराया गया, जिसके बाद थाना में आवेदन दिया गया।
वहीं दूसरे पक्ष के देवाइत यादव ने अपने आवेदन में बताया कि वह अपने दरवाजे पर बैठे थे, तभी उनके बड़े भाई मोरिक यादव, भतीजा रौशन यादव, रमेश यादव सहित अन्य लोग पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडे से हमला कर दिया। इस हमले में देवाइत यादव का सिर फट गया। बीच-बचाव करने पहुंचे उनके पिता रामसखी यादव और भाई राजकुमार यादव भी मारपीट में घायल हो गए। तीनों का इलाज कराने के बाद पुलिस को आवेदन सौंपा गया। चैनपुर थानाध्यक्ष विजय प्रसाद ने बताया कि दोनों पक्षों के आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले में कार्रवाई करते हुए एक पक्ष से राजकुमार यादव और देवाइत यादव को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक नाबालिग को विधि विरुद्ध किया गया है। वहीं दूसरे पक्ष से मोरिक यादव और रौशन यादव को गिरफ्तार कर मेडिकल जांच के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले के अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।



