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सदर अस्पताल में इलाजरत लाल बहादुर सिंह ने बताया कि गांव के सरकारी विद्यालय के समीप स्थित अपनी जमीन पर वह अपने बड़े भाई के साथ धान की रोपाई के लिए खेत की जुताई कर रहे थे। इसी दौरान गांव के ही सूर्यनाथ सिंह और उनके तीन पुत्र फरसा, गड़ासा तथा लोहे की रॉड लेकर पहुंचे और कथित रूप से जान से मारने की नीयत से हमला कर दिया। पीड़ित के अनुसार, धारदार हथियार से किए गए वार में दोनों भाई गंभीर रूप से घायल होकर खेत में गिर पड़े। शोर सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने दोनों को पहले कुदरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए भभुआ सदर अस्पताल रेफर कर दिया। घायल लाल बहादुर सिंह का आरोप है कि जिस जमीन को लेकर विवाद है, उसके सभी वैध दस्तावेज उनके पास हैं और प्रशासनिक स्तर पर भी जमीन उनके पक्ष में होने की पुष्टि की जा चुकी है। इसके बावजूद आरोपी लगातार जमीन पर दावा कर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घटना से पहले 12 जुलाई को उन्होंने कैमूर एसपी को आवेदन देकर सुरक्षा और कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती तो यह हमला टाला जा सकता था। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी पहले भी उनके परिवार के दो सदस्यों की हत्या के मामले में शामिल रहा है और इलाके में दबंगई करता है। फिलहाल उन्होंने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच, आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
नोट: इस मामले में लगाए गए आरोप पीड़ित पक्ष के बयान पर आधारित हैं। पुलिस की जांच और आधिकारिक बयान के बाद ही पूरे घटनाक्रम की पुष्टि हो सकेगी।