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ऊपर सामान, नीचे शराब की पेटियां
उत्पाद विभाग के अनुसार, तस्करों ने जांच एजेंसियों को चकमा देने के लिए ट्रकों में ऊपर से साइकिल के टायर और जीरे की बोरियां लाद रखी थीं। इनके नीचे शराब की पेटियां छिपाई गई थीं। सामान्य जांच में ट्रक में केवल सामान लदा हुआ दिखाई दे, इसके लिए शराब की खेप को बेहद तरीके से छिपाया गया था। मोहनियां चेकपोस्ट पर वाहनों की सघन जांच के दौरान उत्पाद विभाग की टीम को दोनों ट्रकों पर संदेह हुआ। इसके बाद जब ट्रकों की गहराई से तलाशी ली गई तो छिपाकर रखी गई शराब की बड़ी खेप सामने आ गई।
बोतलों के बैच नंबर मिटाने की कोशिश
जांच के दौरान उत्पाद विभाग को शराब की बोतलों पर दर्ज बैच नंबर मिटाने की कोशिश के भी संकेत मिले हैं। अधिकारियों के मुताबिक, तस्करों द्वारा शराब की पहचान और उसके स्रोत से जुड़े सुराग छिपाने के लिए ऐसा किया गया हो सकता है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि शराब की खेप पंजाब से बिहार लाई जा रही थी। अब विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि शराब की सप्लाई बिहार के किस इलाके में होनी थी और इसके पीछे तस्करी का नेटवर्क कौन संचालित कर रहा था।
दो चालक हिरासत में, ट्रक जब्त
कार्रवाई के दौरान उत्पाद विभाग ने दोनों ट्रकों के चालकों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों चालक पंजाब के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पूछताछ के दौरान अधिकारियों द्वारा शराब की खेप की बुकिंग, परिवहन और संभावित डिलीवरी से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है। दोनों ट्रकों को भी जब्त कर लिया गया है। विभाग को उम्मीद है कि गिरफ्तार चालकों से पूछताछ के बाद शराब तस्करी से जुड़े अन्य लोगों और नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
गुप्त सूचना के बाद बढ़ाई गई थी जांच
उत्पाद विभाग के मुताबिक, मोहनियां की समेकित जांच चौकी पर वाहनों की नियमित जांच के साथ संदिग्ध वाहनों पर विशेष नजर रखी जा रही थी। इसी दौरान मिली गुप्त सूचना के आधार पर ट्रकों की सघन जांच की गई, जिसमें शराब की यह बड़ी खेप बरामद हुई। उत्पाद इंस्पेक्टर संतोष श्रीवास्तव ने बताया कि शराबबंदी कानून को प्रभावी ढंग से लागू कराने के लिए जांच चौकी पर लगातार वाहनों की जांच की जा रही है। इसी क्रम में संदिग्ध ट्रकों की तलाशी के दौरान 7 हजार लीटर से अधिक विदेशी शराब बरामद हुई है। मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है और आगे की कार्रवाई जारी है। फिलहाल उत्पाद विभाग गिरफ्तार दोनों चालकों से पूछताछ कर रहा है। जांच का मुख्य फोकस शराब की खेप के स्रोत, बिहार में इसकी संभावित डिलीवरी और पूरे तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने पर है।



