Bihar: कैमूर जिले के चैनपुर प्रखंड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शुक्रवार आरबीएस टीम के सभी चिकित्सक व कर्मी एवं चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सभी चिकित्सक व कंपाउंडर को कुष्ठ रोग की पहचान, जांच एवं रोकथाम को लेकर प्रशिक्षक रमना राव डीपीएमआर कोऑर्डिनेटर के द्वारा प्रशिक्षित करने का कार्य किया गया है।
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इससे जुड़ी जानकारी देते हुए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी राज नारायण प्रसाद के द्वारा बताया गया कि जिला से पहुंचे डीपीएमआर कोऑर्डिनेटर रमना राव के द्वारा कुष्ठ रोग की जांच पहचान एवं रोकथाम को लेकर प्रशिक्षित करने का कार्य किया गया है, प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य यह है कि कुष्ठ रोग लाइलाज नहीं बल्कि इसका इलाज 100% संभव है, सही समय पर अगर कुष्ठ रोगी की पहचान हो जाती है तो रोगी का इलाज स-समय शुरू करते हुए उसे ठीक किया जा सकता है।
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कुष्ठ रोग छुपाने से रोग काफी बढ़ जाता है और उस स्थिति में कुष्ठ रोग मरीज विकलांगता की स्थिति में पहुंच जाते हैं, प्रशिक्षण के दौरान सभी चिकित्सक कर्मी एवं आरबीएसके टीम को कहा गया है कि अपने-अपने क्षेत्र में अगर कोई भी कुष्ठ रोग से पीड़ित मरीज पहचान में आते हैं उन्हें तत्काल प्रखंड मुख्यालय लाकर इलाज मुहैया करवाना है, कुष्ठ रोग की निर्धारित खुराक के उपयोग से कुष्ठ रोगी बिल्कुल ठीक हो जाते है।
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प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षक के द्वारा मौजूद सभी चिकित्सक एवं कर्मियों को बहुत ही बारीकी से समझाई गई है कि, वह आखिर कुष्ठ रोगी की पहचान कैसे कर सकते हैं, चैनपुर प्रखंड में वर्तमान समय में कुल 75 लोग कुष्ठ रोग के कारण दिव्यांगता की स्थिति में पहुंच गए हैं, वैसे सभी लोगों को सरकार के द्वारा प्रत्येक माह 15 सौ रुपए पेंशन भी दिया जा रहा है।
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