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चालक के मुताबिक, रास्ते में उसने वाहन रोककर पेशाब करने की अनुमति मांगी, लेकिन उसे इसकी भी इजाजत नहीं मिली। लगातार ड्यूटी और दबाव को लेकर पहले से परेशान चालक का गुस्सा इस दौरान और बढ़ गया। इसी बात को लेकर वाहन के भीतर दोनों के बीच बहस भी हुई। पुलिस के अनुसार, देर रात बारुण थाना क्षेत्र में बारुण-दाउदनगर-पटना नहर रोड पर लख डिहरा गांव के समीप चालक ने वाहन रोक दिया। इसके बाद उसने वाहन में रखी लोहे की रॉड निकाली और विमल कुमार के सिर पर हमला कर दिया। चालक ने अधिकारी के सिर पर लगातार कई वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गए और उनकी मौत हो गई। घटना के बाद चालक ने पुलिस को गुमराह करने के लिए वारदात को सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की। हत्या के बाद चालक ने वाहन को सड़क किनारे गिरा दिया। इसके बाद उसने मोबाइल फोन से कार्यपालक पदाधिकारी की पत्नी सहित नगर परिषद के कई लोगों को फोन कर अधिकारी की हत्या की सूचना दी। शुरुआत में घटना को लेकर कई तरह की आशंकाएं सामने आईं, लेकिन पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो चालक की भूमिका संदिग्ध नजर आने लगी।
पूछताछ और जांच के दौरान पुलिस को मिली जानकारी के आधार पर चालक से सख्ती से पूछताछ की गई। इसके बाद उसने हत्या की बात स्वीकार कर ली।
आइजी विकास वैभव ने बताया कि अब तक की जांच में हत्याकांड में चालक के अलावा किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने नहीं आई है। हत्या में इस्तेमाल की गई लोहे की रॉड को चालक द्वारा नहर में फेंके जाने की बात कही गई है। रॉड की बरामदगी के लिए पुलिस डॉग स्क्वायड की मदद ले रही है। वहीं, नहर में तलाशी के लिए गोताखोरों की टीम भी लगाई गई है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई जारी है। बताया गया है कि आरोपी चालक मिथलेश कुमार कौआखोच गांव का रहने वाला है और डेहरी के मोहनबिगहा में किराए के मकान में रहता था।



