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छापेमारी के दौरान बरामद नकदी के एक बंडल में लगा ट्रैकर पुलिस के लिए अहम सुराग साबित हुआ। इसकी मदद से पुलिस को पीड़ित कारोबारी की पहचान हुई और पूरे ब्लैकमेलिंग नेटवर्क का खुलासा शुरू हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जब्त नकदी की जांच के लिए आयकर विभाग को भी सूचना दी है। पूछताछ में सामने आया कि अभिषेक अपने साथियों के साथ इंटरनेट और सोशल मीडिया से लोगों की तस्वीरें जुटाता था। इसके बाद AI तकनीक की मदद से उन तस्वीरों को अश्लील डीपफेक वीडियो और फोटो में बदल दिया जाता था। फिर इन्हें पीड़ितों को भेजकर वायरल करने और बदनाम करने की धमकी देकर मोटी रकम वसूली जाती थी। पुलिस का दावा है कि इस गिरोह ने अब तक कई लोगों को निशाना बनाकर करीब 97 लाख रुपये की अवैध वसूली की है।
गुप्त सूचना मिलने के बाद एसडीपीओ नगर-2 विनीता सिन्हा के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। अहियापुर थाना पुलिस ने अभिषेक के घर पर छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, उसका पिता एसकेएमसीएच गेट नंबर-2 के सामने मिठाई की दुकान संचालित करता है। सिटी एसपी मो. मोहिबुल्लाह अंसारी ने बताया कि गिरोह में कई अन्य लोगों की भूमिका सामने आई है, जिनमें हनी ट्रैप से जुड़ी महिला और रकम के लेन-देन में मदद करने वाले लोग भी शामिल हो सकते हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि पटना के कारोबारी को किस तरह हनी ट्रैप और सेक्सटॉर्शन का शिकार बनाया गया।



