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32 हजार के बिल को लेकर निजी अस्पताल में विवाद, गर्भवती मरीज को रोकने का आरोप, सूचना पर पहुंची डायल-112 पुलिस

भभुआ निजी अस्पताल में 32 हजार के बिल पर विवाद, मरीज को रोकने का आरोप

Bihar: कैमूर जिले के भभुआ शहर स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के बाद भुगतान को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। बड़ीहा गांव निवासी एक गर्भवती महिला के परिजनों ने आशीर्वाद हॉस्पिटल प्रबंधन पर 32 हजार रुपये की मांग करने और राशि जमा नहीं करने पर मरीज को अस्पताल से दूसरे स्थान पर ले जाने से रोकने का आरोप लगाया है। मामले की सूचना मिलने के बाद डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति की जानकारी ली। बताया जाता है कि अधौरा थाना क्षेत्र के बड़ीहा गांव निवासी शमशेर सिंह की पत्नी मुनिया देवी की तबीयत खराब होने के बाद उसे इलाज के लिए भभुआ स्थित आशीर्वाद हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के अनुसार, गांव के समीप रहने वाली एक आशा कार्यकर्ता के माध्यम से महिला को अस्पताल लाया गया था।

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तबीयत में सुधार नहीं होने पर सदर अस्पताल ले जाने की बात
महिला के पति शमशेर सिंह का कहना है कि अस्पताल में चिकित्सक की ओर से इलाज कर महिला को ठीक करने की बात कही गई थी। परिजनों के अनुसार, इलाज के दौरान उनसे पहले 10 हजार रुपये की मांग की गई थी। परिजनों का आरोप है कि महिला को लगातार चक्कर आ रहा था और अगले दिन सुबह तक उसकी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। इसके बाद उन्होंने महिला को बेहतर इलाज के लिए भभुआ सदर अस्पताल ले जाने का निर्णय लिया।इसी दौरान कथित तौर पर अस्पताल की ओर से 32 हजार रुपये की राशि जमा करने को कहा गया। परिजनों का आरोप है कि पूरी राशि का भुगतान किए बिना महिला को अस्पताल से ले जाने की अनुमति नहीं दी जा रही थी। इसी बात को लेकर अस्पताल परिसर में विवाद की स्थिति बन गई।

पुलिस पहुंची, बाद में सदर अस्पताल भेजी गई महिला
विवाद की सूचना मिलने पर डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची और अस्पताल प्रबंधन तथा मरीज के परिजनों से पूरे मामले की जानकारी ली। बाद में मीडिया और स्थानीय लोगों की मौजूदगी में गर्भवती महिला को भभुआ सदर अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने महिला को भर्ती कर इलाज शुरू किया। हालांकि, खबर लिखे जाने तक मरीज के परिजनों की ओर से इस मामले में किसी वरीय प्रशासनिक अधिकारी को लिखित शिकायत दिए जाने की जानकारी सामने नहीं आई थी।

पहले सील किए जाने की कार्रवाई का भी उल्लेख
मामले के सामने आने के बाद आशीर्वाद हॉस्पिटल के पूर्व संचालन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, इससे पहले 9 जनवरी को भभुआ एसडीएम द्वारा अस्पताल की जांच के बाद उसे सील किए जाने की कार्रवाई की गई थी। ऐसे में यदि अस्पताल को पूर्व में सील किया गया था, तो उसके बाद वहां मरीजों का इलाज और भर्ती किस परिस्थिति में जारी रहा, यह भी जांच का विषय है। वहीं, स्थानीय लोगों और कुछ सूत्रों की ओर से अस्पताल में कथित तौर पर बिचौलियों के सक्रिय रहने के आरोप भी लगाए गए हैं। आरोप है कि कुछ लोग सदर अस्पताल सहित अन्य स्थानों से मरीजों को निजी अस्पतालों तक ले जाते हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

एसडीएम बोले- दोबारा शिकायत मिली तो होगी जांच
पूरे मामले में अस्पताल में मरीज को भर्ती करने, इलाज की तय राशि, 32 हजार रुपये की मांग का आधार और पूर्व में सील किए जाने के बावजूद अस्पताल के संचालन समेत कई बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। इस संबंध में भभुआ एसडीएम अमित कुमार ने टेलीफोन पर बताया कि आशीर्वाद हॉस्पिटल को पहले भी अस्पताल की व्यवस्थाओं में कमी पाए जाने के बाद उनके स्तर से सील किया गया था। अब दोबारा इस तरह का मामला सामने आया है तो इसकी जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि मरीज के परिजनों की ओर से लिखित शिकायत मिलने के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के स्तर से आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गर्भवती महिला का इलाज भभुआ सदर अस्पताल में चल रहा है। वहीं, डायल-112 पुलिस की ओर से मामले की जानकारी जुटाई गई है और प्रशासन की जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

 

 

 

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