Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
सरकारी खरीद व्यवस्था में भागीदारी बढ़ाने पर फोकस
कार्यक्रम का शुभारंभ शाखा प्रबंधक पुष्पेन्द्र सूर्यवंशी के स्वागत संबोधन से हुआ। इसके बाद विभिन्न सरकारी विभागों और सार्वजनिक उपक्रमों के अधिकारियों ने उद्यमियों के साथ संवाद किया। इंडियन ऑयल, पावर ग्रिड, भारतीय खाद्य निगम, एनटीपीसी और आईआरकॉन सहित विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सरकारी खरीद प्रक्रिया, विक्रेता के रूप में पंजीकरण और निर्धारित गुणवत्ता मानकों के बारे में जानकारी साझा की। वहीं, एमएसएमई विकास एवं सुविधा कार्यालय, पटना, जिला उद्योग केंद्र तथा गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (जीईएम) के प्रतिनिधियों ने सरकारी योजनाओं, जीईएम पोर्टल पर पंजीकरण और ई-निविदा प्रक्रिया को समझाया। इसका उद्देश्य उद्यमियों को सरकारी खरीद के लिए तैयार करना और उन्हें उपलब्ध व्यावसायिक अवसरों से परिचित कराना रहा।
बैंक ऋण से लेकर तकनीकी प्रशिक्षण तक की जानकारी
कार्यक्रम में कारोबार शुरू करने और उसे आगे बढ़ाने के लिए वित्तीय सहायता, कौशल विकास तथा तकनीकी प्रशिक्षण की भूमिका पर भी चर्चा हुई। अग्रणी जिला प्रबंधक आकिल जावेद खान ने उद्यमियों को बैंक ऋण से संबंधित जानकारी दी। आरसेटी के निदेशक मनोज कुमार ने कौशल विकास के महत्व को रेखांकित किया, जबकि औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), भभुआ के निदेशक कर्मदेव राम ने तकनीकी प्रशिक्षण की उपयोगिता के बारे में बताया। वक्ताओं ने उद्यमियों को अपने व्यवसाय की जरूरतों के अनुसार वित्तीय संसाधनों, प्रशिक्षण और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रोत्साहित किया।
स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की पहल
इस कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य एससी-एसटी वर्ग के उद्यमियों की सरकारी खरीद प्रक्रिया में भागीदारी बढ़ाना, उन्हें बाजार के नए अवसरों से जोड़ना और स्वरोजगार को प्रोत्साहित करना था। सरकारी विभागों एवं सार्वजनिक उपक्रमों के प्रतिनिधियों से सीधे जानकारी मिलने से उद्यमियों को विक्रेता बनने की प्रक्रिया और कारोबार से जुड़ी आवश्यकताओं को समझने का अवसर मिला। कार्यक्रम का आयोजन बोधगया टेक्सटाइल एंड हैंडीक्राफ्ट्स एसोसिएशन के सहयोग से किया गया। इस पहल के माध्यम से उद्यमियों को सरकारी खरीद व्यवस्था से जोड़कर उनके व्यावसायिक विकास और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।



