Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
जानकारी के मुताबिक, मोहनिया के उसरी गांव निवासी संगीता कुमारी अपने मायके भीट्टी गांव से ऑटो के जरिए ससुराल लौट रही थीं। इसी दौरान रास्ते में उनका बैग कहीं गिर गया। बैग में सोने की चेन, अंगूठी, चांदी के आभूषण, मोबाइल फोन और करीब 4500 रुपये नकद रखे थे। बैग गायब होने के बाद महिला और उनके परिजनों की चिंता बढ़ गई, जिसके बाद मोहनिया थाना में आवेदन दिया गया।
उधर, उसी रास्ते से गुजर रहे संदीप कुमार की नजर सड़क पर पड़े बैग पर पड़ी। बैग खोलने पर उसमें कीमती जेवरात देखकर उन्होंने मानवता और ईमानदारी का परिचय देते हुए तुरंत बैग को मोहनिया थाना में जमा करा दिया। पुलिस ने जांच के बाद बैग की पहचान कर उसे महिला को सुरक्षित सौंप दिया।
जेवरात मिलने के बाद महिला के परिवार में खुशी लौट आई। संगीता कुमारी की बहन सरिता कुमारी ने बताया कि उन्हें थाना से फोन आया कि बैग मिल गया है। थाना पहुंचने पर सभी जेवरात और सामान सुरक्षित हालत में वापस मिल गया। वहीं, संदीप कुमार ने बताया कि वह बाइक से अपने रिश्तेदारी जा रहे थे, तभी आरकेटी होटल के पास सड़क किनारे उन्हें बैग पड़ा मिला। बैग में गहने देखकर उन्होंने बिना देर किए उसे पुलिस के हवाले कर दिया। मामले में मोहनिया थाना अध्यक्ष आलोक कुमार ने बताया कि महिला द्वारा बैग खोने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। पुलिस मामले की जांच कर रही थी, तभी देवकली निवासी संदीप कुमार ने थाने पहुंचकर बैग जमा कराया। बैग में रखे सभी सामान सुरक्षित पाए गए, जिसे बाद में महिला को सौंप दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि आज के समय में इस तरह की ईमानदारी समाज के लिए प्रेरणा देने वाली है। संदीप कुमार के इस कार्य की पूरे इलाके में खूब प्रशंसा हो रही है।



