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ड्यूटी से लौटते वक्त सड़क हादसे में शहीद हुए थानाध्यक्ष साजन पासवान, कैमूर के भोपतपुर में पसरा मातम

कैमूर के थानाध्यक्ष साजन पासवान की सड़क हादसे में मौत, भोपतपुर गांव में मातम

Bihar: कैमूर जिले के मोहनियां थाना क्षेत्र स्थित भोपतपुर गांव के निवासी एवं मधेपुरा जिले के रतवारा थानाध्यक्ष साजन पासवान का गुरुवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में निधन हो गया। इस हादसे में तीन थानाध्यक्षों और एक चालक की मौत हुई है। घटना की खबर मिलते ही भोपतपुर गांव सहित पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जानकारी के अनुसार, साजन पासवान पटना में आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होकर अपने सहयोगियों के साथ कार से मधेपुरा लौट रहे थे। इसी दौरान बेगूसराय जिले के साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र अंतर्गत बखड्डा के पास एनएच-31 पर उनकी कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार में सवार सभी चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

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साजन पासवान की फाइल फोटो
साजन पासवान की फाइल फोटो

हादसे में तीन थानाध्यक्ष समेत चालक की मौत
इस दुर्घटना में रतवारा थानाध्यक्ष साजन पासवान, बेलारी थानाध्यक्ष नीरज कुमार, आरर थानाध्यक्ष ज्ञानेंद्र अमरेंद्र तथा निजी चालक ज्योतिष कुमार की जान चली गई। पुलिस महकमे में इस घटना के बाद शोक की लहर दौड़ गई है।

गांव में पसरा सन्नाटा, अंतिम दर्शन का इंतजार
जैसे ही साजन पासवान के निधन की सूचना उनके पैतृक गांव भोपतपुर पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया। शुक्रवार सुबह से ही गांव और आसपास के क्षेत्रों के लोग उनके घर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना देने लगे। स्वजनों के करुण क्रंदन से माहौल गमगीन बना रहा। देर शाम तक शव गांव नहीं पहुंच सका था, जिसके कारण ग्रामीण और रिश्तेदार अंतिम दर्शन की प्रतीक्षा कर रहे थे।

चार भाइयों में सबसे छोटे थे साजन
32 वर्षीय साजन पासवान अपने पिता लक्ष्मण पासवान उर्फ सुकर पासवान के चार पुत्रों में सबसे छोटे थे। बड़े भाई मेघनाथ पासवान गांव में ही रहते हैं, जबकि राजू पासवान पुलिस विभाग में चालक और राजन पासवान बिहार पुलिस में कार्यरत हैं। साजन की सफलता और कर्तव्यनिष्ठा को लेकर पूरा परिवार गौरवान्वित था।

ढाई महीने पहले ही आए थे घर
परिजनों ने बताया कि साजन पासवान करीब ढाई महीने पहले छुट्टी में अपने घर आए थे। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि उनकी यह विदाई अंतिम साबित होगी। जवान बेटे की असामयिक मौत की खबर सुनते ही माता यशोदा देवी, पिता लक्ष्मण पासवान और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। साजन पासवान की मृत्यु से न केवल उनका परिवार बल्कि पूरा कैमूर जिला और पुलिस विभाग एक कर्मठ एवं समर्पित अधिकारी को खो देने से स्तब्ध है।

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