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दरअसल बीजेपी विधायक हरि भूषण ठाकुर ने राज्य सरकार से मांग की है कि जैसे कृषि कानून को वापस लिया गया है, वैसे ही शराब बंदी कानून को भी नीतीश कुमार वापस ले बिहार में इंजीनियर और डॉक्टर पकड़े जा रहे हैं, जो शराबबंदी को असफल बना रहे हैं, वैसे लोगों पर कार्रवाई नहीं हो रही है, शराबबंदी लागू करने के परिणाम स्वरुप माफियाओं और शराब विक्रेताओं के स्थान पर छात्रों को जेल में बंद किया जा रहा है, उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध करते हुए कहा है कि जिस तरह कृषि कानून को वापस लिया गया है, वैसे ही इसे भी वापस ले और इससे निपटने का कोई और दूसरा तरीका ढूंढें।
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बीजेपी विधायक ने कहा कि यह कानून अच्छी नियत से बनाया गया था लेकिन इसे लागू करने में गड़बड़ी हो गई, शराब माफिया और सरकारी तंत्र की मिलीभगत ने इस नियम को सफल बनाने के उद्देश्य पर पानी फेर दिया, इस कानून की आड़ में 2 दिन पहले पटना में जैसी छापेमारी की गई वह बेहद शर्मनाक और डराने वाली है।
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बताते चलें कि शराबबंदी के नाम पर पुलिस की छापेमारी पर विपक्ष ने भी सवाल उठाए थे, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने भी इसे लेकर नीतीश कुमार पर निशाना साधा था, वहीं नीतीश ने पुलिस की छापेमारी को लेकर 1 दिन पहले कहा था कि अगर पुलिस को ऐसी शिकायत मिलती है की शादी में शराब दी जा रही है, तो वह कार्रवाई जरूर करेगी।
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