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विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर मानव तस्करी का आरोप, AIMIM के पूर्व युवा पदाधिकारी समेत दो गिरफ्तार

किशनगंज में मानव तस्करी का भंडाफोड़, AIMIM के पूर्व पदाधिकारी समेत 2 गिरफ्तार

Bihar: किशनगंज, विदेश में आकर्षक नौकरी दिलाने का सपना दिखाकर बेरोजगार युवाओं को कथित तौर पर मानव तस्करी के जाल में फंसाने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। मामले में किशनगंज पुलिस और बिहार एसटीएफ की संयुक्त टीम ने पटना में छापेमारी कर दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों में पूर्णिया जिले के रौटा निवासी हाजी नाहिद गनी और अनगढ़ निवासी मो. तबरेज शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, गिरोह पर सीमांचल के युवाओं को विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगने और उन्हें अवैध रास्तों से मलेशिया भेजने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार हाजी नाहिद गनी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) का पूर्व युवा प्रदेश महासचिव रह चुका है। जांच में सामने आए कथित नेटवर्क के तार मलेशिया में सक्रिय एक पाकिस्तानी एजेंट से जुड़े होने की बात कही जा रही है। आरोप है कि विदेश पहुंचने के बाद युवाओं को बंधक बनाकर उनसे जबरन काम कराया जाता था।

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नौकरी का झांसा देकर लाखों रुपये वसूलने का आरोप

एसडीपीओ-1 खुसरू सिराज के अनुसार, गिरोह कथित तौर पर हाजी नाहिद गनी प्राइवेट लिमिटेड और ताइबा इंटरनेशनल टूर एंड ट्रैवल्स जैसी एजेंसियों के माध्यम से सीमांचल के युवाओं को अपने जाल में फंसाता था। विदेश में अच्छी नौकरी और मोटी कमाई का भरोसा देकर प्रति युवक करीब 1.80 लाख रुपये तक वसूले जाने का आरोप है। पुलिस की प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, युवाओं को वैध वीजा के माध्यम से रोजगार दिलाने के बजाय दूसरे रास्तों से विदेश भेजने की व्यवस्था की जाती थी। कथित तौर पर युवाओं को पहले पटना से दिल्ली और फिर थाईलैंड के क्राबी क्षेत्र तक पहुंचाया जाता था। इसके बाद डंकी रूट के जरिए उन्हें मलेशिया में प्रवेश कराया जाता था।

मलेशिया में बंधक बनाकर काम कराने का आरोप

जांच के अनुसार, मलेशिया के जोहोर क्षेत्र में सक्रिय एक पाकिस्तानी एजेंट की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। आरोप है कि वहां पहुंचने वाले भारतीय युवाओं को कमरों में बंद रखकर अमानवीय परिस्थितियों में काम करने के लिए मजबूर किया जाता था। पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की पड़ताल कर रही है।

शिकायत के बाद खुला मामला, सात प्राथमिकी दर्ज

पुलिस के अनुसार, यह मामला किशनगंज जिले के बिशनपुर थाना क्षेत्र में पीड़ित नूरजफर के पिता मो. सुलेमान की शिकायत के बाद सामने आया। जांच के दौरान किशनगंज के बिशनपुर और बहादुरगंज सहित पूर्णिया जिले के रौटा समेत विभिन्न थानों में इस नेटवर्क से संबंधित धोखाधड़ी और उत्प्रवास अधिनियम के तहत कुल सात प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी मिली है।

बैंक खातों और संपत्ति की जांच में जुटी पुलिस

दोनों आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब गिरोह के वित्तीय लेन-देन, बैंक खातों, अंतरराष्ट्रीय संपर्कों और कथित अपराध से अर्जित संपत्ति की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, अवैध तरीके से अर्जित संपत्ति की पहचान होने पर उसे जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने अब तक कितने युवाओं को अपने जाल में फंसाया और इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।

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