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निरीक्षण के दौरान सामने आई घटना
जानकारी के मुताबिक अनुमंडल पदाधिकारी (पूर्वी) तुषार कुमार द्वारा आश्रय गृह का निरीक्षण किया गया, जिसमें पता चला कि वहां रह रहे कई बच्चे मौजूद नहीं हैं। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि बच्चे देर रात किसी तरह सुरक्षा व्यवस्था को पार कर परिसर से बाहर निकल गए। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि बच्चों ने दीवार फांदी या किसी अन्य रास्ते का इस्तेमाल किया।
प्रशासन और पुलिस अलर्ट मोड में
घटना की सूचना मिलते ही मुसहरी थाना पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और बाल संरक्षण विभाग की टीम आश्रय गृह पहुंची। वहां मौजूद कर्मचारियों और अन्य बच्चों से पूछताछ की जा रही है। आश्रय गृह प्रबंधन की ओर से स्थानीय थाने में लिखित शिकायत भी दर्ज कराई गई है। मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि बच्चों की तलाश के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है। आसपास के क्षेत्रों में सर्च अभियान चलाया जा रहा है तथा सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है ताकि बच्चों की गतिविधियों का पता लगाया जा सके।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
एक साथ 10 बच्चों के गायब होने की घटना को प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा में बड़ी चूक माना जा रहा है। स्थानीय लोगों ने भी मामले को गंभीर बताते हुए आश्रय गृह की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। जांच एजेंसियां इस पहलू पर भी काम कर रही हैं कि कहीं बच्चों के गायब होने के पीछे किसी बाहरी नेटवर्क या गिरोह की भूमिका तो नहीं है।



