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मृतकों की पहचान चैनपुर थाना क्षेत्र के अमांव गांव निवासी 70 वर्षीय मुराहु बिंद और उनकी 65 वर्षीय पत्नी तारा देवी के रूप में हुई है। बताया जाता है कि दोनों लंबे समय से केकड़ा गांव स्थित हनुमान मंदिर में रहकर पूजा-पाठ करते थे और मंदिर की देखरेख की जिम्मेदारी संभालते थे। स्थानीय लोगों के अनुसार दंपती का अधिकांश समय मंदिर परिसर में ही बीतता था। मृतक के पुत्र गिरीश बिंद ने बताया कि सुबह करीब पांच बजे उन्होंने अपनी मां तारा देवी को मंदिर परिसर के आसपास टहलते देखा था, जबकि उनके पिता वहां मौजूद नहीं थे। ग्रामीणों के अनुसार आशंका है कि किसी बिजली पोल पर तार चढ़ाने या उससे संबंधित कार्य के दौरान मुराहु बिंद करंट की चपेट में आ गए। उन्हें तड़पता देख पत्नी तारा देवी बचाने के लिए दौड़ीं, लेकिन वह भी बिजली प्रवाहित तार के संपर्क में आ गईं और करंट लगने से उनकी भी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य मंदिर पहुंचे। दोनों को मृत अवस्था में देखकर परिजनों में चीख-पुकार मच गई। आसपास के ग्रामीण भी बड़ी संख्या में मौके पर जुट गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली सुरक्षा मानकों का सही तरीके से पालन किया जाता तो इस दुखद हादसे को टाला जा सकता था। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि किन परिस्थितियों में दंपती करंट की चपेट में आए। एक साथ वृद्ध दंपती की मौत से अमांव गांव समेत आसपास के क्षेत्रों में मातम का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।



