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2.57 लाख युवाओं को हर साल प्रशिक्षण
सरकार ने सात निश्चय-3 के तहत ‘दोगुना रोजगार, दोगुना आय’ लक्ष्य को आगे बढ़ाते हुए संशोधित कुशल युवा कार्यक्रम (डिजिटल मित्र) को लागू करने की मंजूरी दी है। कार्यक्रम के तहत युवाओं को कुल 270 घंटे का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें रोजगारपरक कौशल के साथ अंग्रेजी, व्यवहार कौशल, कार्यस्थल नैतिकता, रोजगार की तैयारी और ऑन-जॉब प्रशिक्षण को शामिल किया गया है। डिजिटल मित्र का पाठ्यक्रम राष्ट्रीय कौशल योग्यता रूपरेखा (NSQF) से मान्यता प्राप्त है और प्रमाणन NCVET के दिशा-निर्देशों के अनुरूप होगा। कार्यक्रम के लिए सात निश्चय-2 की अवधि समाप्त होने के समय कार्यरत 871 कुशल युवा कार्यक्रम केंद्रों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत संचालन की स्वीकृति दी गई है। इन केंद्रों के माध्यम से हर साल 2,57,440 युवाओं को प्रशिक्षण देने की क्षमता होगी। सरकार के अनुसार इससे सीधे तौर पर 4,572 रोजगार के अवसर भी सृजित होने की उम्मीद है।
2,554 कृषि फीडर सौर ऊर्जा से जुड़ेंगे
कैबिनेट ने राज्य के बचे हुए 2,554 कृषि फीडरों के सोलराइजेशन की योजना को भी मंजूरी दी है। इसके तहत 2,585 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। सरकार इस योजना के लिए 1.05 करोड़ रुपये प्रति मेगावाट की दर से 2,714.25 करोड़ रुपये का अनुदान देगी। वहीं, 946 विद्युत उपकेंद्रों में सोलराइजेशन के काम के लिए ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 47.30 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इस तरह योजना के लिए कुल 2,761.55 करोड़ रुपये के अनुदान को मंजूरी मिली है। सरकार का कहना है कि इससे कृषि क्षेत्र की बिजली जरूरतों को सौर ऊर्जा से पूरा करने, सरकारी बिजली खर्च कम करने और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
आंगनबाड़ी के पोषण आहार में बदलाव
सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 कार्यक्रम के तहत पात्र लाभार्थियों को अब पारंपरिक सूखा राशन देने की जगह रेसिपी आधारित सुदृढ़ीकृत एवं पोषणयुक्त खाद्य उत्पाद (RBFFP) उपलब्ध कराने की योजना को मंजूरी दी गई है। इसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी कॉम्फेड को दी गई है। खाद्य गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उत्पादों की तीन स्तर पर जांच की व्यवस्था होगी। निर्माताओं और आपूर्तिकर्ताओं का चयन गुणवत्ता एवं लागत आधारित चयन (QCBS) प्रक्रिया के माध्यम से PPP मोड में 15 वर्षों के लिए किया जाएगा।
हरित हाइड्रोजन के लिए नीति का रास्ता साफ
कैबिनेट ने बिहार हरित हाइड्रोजन नीति, 2026 के प्रारूप को भी मंजूरी दे दी है। सरकार का उद्देश्य नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ प्राकृतिक गैस के आयात पर निर्भरता कम करना है। प्रस्तावित नीति के तहत हरित हाइड्रोजन क्षेत्र में निजी निवेश को आकर्षित करने, कार्बन उत्सर्जन घटाने और नए रोजगार के अवसर पैदा करने पर जोर दिया जाएगा। सरकार इसे राज्य में स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार और भविष्य की ऊर्जा जरूरतों से जोड़कर देख रही है।

