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मृतक के पिता के अनुसार, उनका पुत्र एक आपराधिक मामले में न्यायिक प्रक्रिया के तहत केवा स्थित बाल सुधार गृह में निरुद्ध था। 10 सितंबर को उसे भभुआ स्थित किशोर न्यायालय में दंडाधिकारी के समक्ष पेश किया गया था। न्यायालय की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसे दोबारा बाल सुधार गृह भेज दिया गया था। पिता ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि घटना के दिन करीब दो बजे उन्हें जानकारी मिली कि बाल सुधार गृह में एक किशोर की तबीयत बिगड़ने के बाद उसकी मौत हो गई है और उसे भभुआ सदर अस्पताल ले जाया गया है। सूचना मिलने पर वे अन्य लोगों के साथ अस्पताल पहुंचे, जहां उनका पुत्र मृत अवस्था में मिला। आवेदन में मृतक के पिता ने दावा किया है कि उनके बेटे के गले पर काले रंग का निशान दिखाई दे रहा था। वहीं, बाल सुधार गृह के कर्मियों से घटना के संबंध में पूछताछ करने पर उन्हें मौत के कारण को लेकर अलग-अलग जानकारी दी गई, जिससे उन्हें घटना पर संदेह हुआ।
पिता ने मामले में चार लोगों को नामजद करते हुए बाल सुधार गृह के सभी कर्मियों तथा कुछ अज्ञात लोगों पर भी हत्या का आरोप लगाया है। इसके अलावा, जिस मामले में किशोर बाल सुधार गृह में निरुद्ध था, उसके सूचक पर भी हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया गया है। चैनपुर थानाध्यक्ष ने बताया कि मृतक के पिता के आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल किशोर की मौत के वास्तविक कारण को लेकर पुलिस जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जांच प्रक्रियाओं से मौत की परिस्थितियों को स्पष्ट करने में मदद मिलने की उम्मीद है।



