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पत्रकारों द्वारा यह पूछे जाने पर कि क्या भाजपा ने प्रशांत किशोर के चुनाव मैदान में उतरने के कारण अपना उम्मीदवार बदला है, इस पर गिरिराज सिंह ने कहा कि उनकी पार्टी व्यक्ति नहीं, बल्कि चुनावी संगठन और चुनाव चिन्ह के आधार पर लड़ती है। उन्होंने कहा कि यदि एक उम्मीदवार ने चुनाव लड़ने से इनकार किया तो पार्टी ने दूसरे प्रत्याशी को मैदान में उतार दिया।
गिरिराज सिंह ने दावा किया कि प्रशांत किशोर पहले बड़े-बड़े दावे करते थे, लेकिन उनके अधिकांश उम्मीदवार चुनाव में अपनी जमानत तक नहीं बचा सके। उन्होंने कहा कि इस बार जन सुराज को उम्मीदवार नहीं मिला, इसलिए प्रशांत किशोर खुद चुनाव मैदान में उतर गए।
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि उन्हें विश्वास है कि बांकीपुर की जनता भाजपा के विकास कार्यों पर भरोसा करेगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सड़क, नाली-गली, पार्क, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार भाजपा सरकार के कार्यकाल में हुआ है और जनता इसे अच्छी तरह जानती है। प्रशांत किशोर पर हमला जारी रखते हुए गिरिराज सिंह ने उन्हें “फ्रॉड” बताते हुए आरोप लगाया कि पिछली बार उम्मीदवार बनाने के नाम पर पैसे लिए गए थे। उन्होंने कहा कि “भगवान न करें कि प्रशांत किशोर चुनाव जीतें। यदि वे विधानसभा पहुंचेंगे तो केवल सरकार की आलोचना करेंगे और माहौल खराब करेंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि जनता विकास के आधार पर फैसला करती है और भाजपा को किसी के प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है। गिरिराज सिंह ने दावा किया कि बिहार की जनता विकास चाहती है और उसी आधार पर अपना जनादेश देगी। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर भाजपा और जन सुराज के बीच जुबानी जंग लगातार तेज होती जा रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में चुनावी माहौल और अधिक गरमाने के आसार हैं।