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व्हाट्सएप पर आई फाइल, हैक हो गया मोबाइल
जानकारी के अनुसार, लक्ष्मीपुर चिरैया पंचायत के लौंगाय गांव निवासी राकेश कुमार के व्हाट्सएप पर तीन दिन पहले एक अज्ञात नंबर से पीएम किसान योजना के नाम पर APK फाइल भेजी गई थी। राकेश ने फाइल डाउनलोड की, जिसके बाद उनका मोबाइल साइबर ठगों के नियंत्रण में चला गया। इसके बाद ठगों ने उनके नाम और पहचान का इस्तेमाल करते हुए व्हाट्सएप के जरिए रिश्तेदारों और दोस्तों को संदेश भेजने शुरू कर दिए। संदेशों में तत्काल जरूरत बताकर दो-दो हजार रुपये भेजने की मांग की गई।
परिचितों को भरोसे में लेकर की गई ठगी
राकेश कुमार के नाम से आए संदेशों पर भरोसा करते हुए 15 से 20 लोगों ने स्कैनर के माध्यम से रुपये ट्रांसफर कर दिए। ठग यहीं नहीं रुके, बल्कि उन्होंने रिश्तेदारों के बैंक खातों से भी रुपये निकालने शुरू कर दिए। इस दौरान लौंगाय गांव के एक रिश्तेदार के बैंक खाते से एक लाख 93 हजार रुपये की निकासी कर ली गई। वहीं, नवगछिया के तेलधी, खगड़िया के कठैला समेत अन्य स्थानों पर रहने वाले रिश्तेदार भी साइबर ठगी के शिकार हुए।
खाते में महज 34 रुपये, इसलिए बची रकम
बताया गया कि साइबर ठगों ने राकेश कुमार के खाते से भी रुपये निकालने की कोशिश की, लेकिन खाते में महज 34 रुपये होने के कारण वे रकम की निकासी नहीं कर सके। रिश्तेदारों से ठगी की जानकारी मिलने के बाद राकेश को पूरे मामले का पता चला। इसके बाद उन्होंने स्थानीय थाने में आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
अनजान APK फाइल डाउनलोड करने से बचें
यह घटना साइबर सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की जरूरत को उजागर करती है। किसी भी सरकारी योजना के नाम पर व्हाट्सएप या अन्य माध्यम से भेजी गई अनजान APK फाइल डाउनलोड नहीं करनी चाहिए। साथ ही, परिचित के नंबर से पैसे मांगने वाला संदेश मिलने पर रकम भेजने से पहले फोन कर उसकी पुष्टि जरूर कर लें।



