Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

- वाहन जाँच के दौरान DTO की गाड़ी में हाइवा ने मारा टक्कर, ESI की मौत 2 घायल
- अलीनगर भाजपा विधायक को 2 वर्ष का सश्रम कारावास के साथ 1 लाख रुपये अर्थदंड
पंचायती राज विभाग मंत्री सम्राट चौधरी ने त्रिस्तरीय पंचायत संस्था एवं ग्राम कचहरी के निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधियों को लेकर एक निर्देश जारी किया है, मंत्री ने निर्देश दिया है कि महिला जनप्रतिनिधि पंचायतों से जुड़ी बैठक में भाग लेने के लिए अपने स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति को मनोनीत नहीं करेगी, उन्होंने पदाधिकारियो को अपने आदेश का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है, इसको लेकर पिछले कार्यकाल में लगातार शिकायतें मिल रही थी और इसलिए अब कार्यकाल शुरू होने के साथ ही ये निर्देश जारी कर दिया गया है ।
- APK फाइल के जाल से करोड़ों की साइबर ठगी, पुलिस के हत्थे चढ़ा मास्टरमाइंड
- रिश्ते का खौफनाक अंत: पत्नी की हत्या कर शव के पास बैठा रहा पति, गांव में पसरा सन्नाटा
दरअसल बिहार पंचायत चुनाव में महिलाओं को मिले पचास फ़ीसदी आरक्षण ने राज्य में महिला पंचायत जनप्रतिनिधियों को बड़ी संख्या में स्थानीय राजनीति में लाकर खड़ा कर दिया है, आरक्षण ने महिलाओं के सिर पर मुखिया सरपंच और समिति का ताज तो सजा दिया लेकिन पंचायत से जुड़े फैसले और काम में उनकी असल भागीदारी तो अभी तक नहीं हो पाई है।
- 352 गर्भवती महिलाओं की हुई जांच, 23 का हीमोग्लोबिन 8 से कम; भभुआ की टीम ने लिया जायजा
- फेसबुक पर हथियार दिखाना पड़ा भारी, कैमूर में युवक के खिलाफ आर्म्स एक्ट में FIR
वजह यह है कि महिला जनप्रतिनिधियों की जगह अब गांव की सरकार को उनके रिश्तेदार उनके प्रतिनिधि के नाम पर कर रहे हैं, कुछ महिला जनप्रतिनिधियों को छोड़कर अधिकांश का हाल यही है, जनप्रतिनिधियों की असल हकीकत यही है इसको लेकर लगातार से शिकायते भी सामने आती रही हैं, इसे कहने को तो महिलाएं चुनकर असली प्रतिनिधि होती है लेकिन पंचायत उनकी भागीदारी धरातल पर न के बराबर देखने को मिली है।
- गया में बड़ी पुलिस कार्रवाई: 45 लाख की ज्वेलरी डकैती का खुलासा, मुठभेड़ में दो बदमाश दबोचे, लूटा गया सोना बरामद
- गया में बारात के दौरान दर्दनाक हादसा: डीजे वाहन की टक्कर से मासूम की मौत, तीन घायल

