Home मोहनिया ड्यूटी पर जाते समय रेल हादसे में सफाईकर्मी की मौत, मुआवजा और...

ड्यूटी पर जाते समय रेल हादसे में सफाईकर्मी की मौत, मुआवजा और आश्रित को नौकरी की मांग पर नगर पंचायत कार्यालय के बाहर धरना

मोहनियां रेल हादसा: मालगाड़ी की चपेट में आने से नगर पंचायत सफाईकर्मी की मौत, मुआवजे और नौकरी की मांग

विलाप करते मृतक के स्वजन

Bihar: कैमूर जिले के मोहनियां में गुरुवार को एक दर्दनाक रेल हादसे में नगर पंचायत के सफाईकर्मी की जान चली गई। हादसे के बाद परिजनों ने नगर पंचायत कार्यालय के मुख्य द्वार पर धरना देकर मृतक के आश्रित को सरकारी नौकरी और उचित मुआवजे की मांग उठाई। प्रशासन की ओर से अंतिम संस्कार के लिए तत्काल आर्थिक सहायता दी गई है, जबकि अन्य मांगों पर नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिया गया है। जानकारी के अनुसार, पंडित दीनदयाल उपाध्याय–गया रेलखंड पर स्थित भभुआ रोड रेलवे स्टेशन के पूर्वी छोर पर डीएफसीसी डाउन लाइन पर मालगाड़ी की चपेट में आने से 45 वर्षीय शंभू डोम की मौत हो गई।

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

NS News

वह कुढ़नी थाना क्षेत्र के मोरथ गांव का निवासी था और पिछले करीब 10 वर्षों से नगर पंचायत मोहनियां के वार्ड संख्या-12 में सफाईकर्मी के रूप में कार्यरत था। वर्तमान में वह अपने परिवार के साथ डड़वां में रह रहा था। घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर कानूनी प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, भभुआ भेज दिया गया। जीआरपी के पुलिस अवर निरीक्षक जय बाबूराव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मालगाड़ी की चपेट में आने से मौत की पुष्टि हुई है। स्थानीय लोगों ने मौके पर ही मृतक की पहचान की, जिसके बाद आवश्यक कार्रवाई की गई। बताया जा रहा है कि शंभू डोम गुरुवार सुबह नगर पंचायत में ड्यूटी के लिए जा रहा था। इसी दौरान रेलवे ट्रैक पार करते समय वह डीएफसीसी लाइन पर आ रही मालगाड़ी की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

मृतक अपने पीछे पत्नी लाली देवी, तीन पुत्र और एक पुत्री को छोड़ गया है। पत्नी ने बताया कि परिवार की पूरी आजीविका शंभू की आय पर निर्भर थी। अचानक हुई इस घटना से परिवार गहरे आर्थिक संकट में आ गया है। हादसे के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत मोहनियां कार्यालय के मुख्य द्वार पर धरना देकर मृतक के आश्रित को नौकरी, उचित मुआवजा और अन्य सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी सुधांशु कुमार ने बताया कि तत्काल राहत के रूप में अंतिम संस्कार के लिए 20 हजार रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा कि परिजनों की अन्य मांगों पर नियमों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

 

Exit mobile version