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छह महीने से मानदेय नहीं मिला, कैमूर के रात्रि प्रहरियों का फूटा आक्रोश; 30 हजार वेतन समेत छह मांगों को लेकर धरना

कैमूर में रात्रि प्रहरियों का धरना, 30 हजार मानदेय समेत 6 मांगें

Bihar: कैमूर के भभुआ में विद्यालयों में तैनात रात्रि प्रहरियों ने मानदेय भुगतान में देरी और अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार को मोर्चा खोल दिया। बिहार विद्यालय रात्रि प्रहरी संघ के आह्वान पर सैकड़ों रात्रि प्रहरी समाहरणालय परिसर के समक्ष जुटे और एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन के साथ भूख हड़ताल की। संघ के जिलाध्यक्ष श्रीकांत कुमार की अध्यक्षता में आयोजित धरना के दौरान रात्रि प्रहरियों ने शिक्षा विभाग और सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लंबे समय से मानदेय का भुगतान नहीं होने के कारण उनके सामने आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। धरना के दौरान शिक्षा विभाग की ओर से प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी सह कनीय अभियंता सुरेश प्रसाद सिंह के माध्यम से कैमूर जिलाधिकारी को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा गया। रात्रि प्रहरियों ने सरकार से तत्काल उनकी समस्याओं का समाधान करने की मांग की।

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10 हजार की जगह 30 हजार रुपये मानदेय की मांग

रात्रि प्रहरियों ने वर्तमान में मिल रहे 10 हजार रुपये के मानदेय को बढ़ाकर 30 हजार रुपये करने की मांग की। उनका कहना था कि मौजूदा मानदेय दैनिक मजदूरी के मुकाबले भी बेहद कम है। एक दैनिक मजदूर को जहां करीब 500 रुपये प्रतिदिन मिलते हैं, वहीं उन्हें पूरे महीने की सेवा के बदले महज 10 हजार रुपये मानदेय दिया जाता है।

छह प्रमुख मांगों को लेकर प्रदर्शन

रात्रि प्रहरियों ने सरकार के समक्ष मुख्य रूप से छह मांगें रखीं। इनमें सेवा पुस्तिका का संधारण, राज्य कर्मी अथवा चतुर्थवर्गीय कर्मचारी का दर्जा देने, विद्यालयों में रिक्त लिपिक एवं परिचारी पदों पर योग्यता के आधार पर समायोजन करने, मानदेय की राशि सीधे रात्रि प्रहरियों के बैंक खाते में भेजने, मानदेय 10 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपये करने तथा अनुकंपा नियमावली को फिर से बहाल करने की मांग शामिल है।

छह माह से भुगतान नहीं होने का आरोप

धरना में शामिल रात्रि प्रहरियों ने आरोप लगाया कि करीब छह महीने से उन्हें मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। इसके चलते परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। प्रदर्शनकारियों के अनुसार आर्थिक तंगी का आलम यह है कि स्थानीय दुकानदारों ने भी उधार पर राशन देना बंद कर दिया है। रात्रि प्रहरियों ने कहा कि दुर्गा पूजा, दीपावली और छठ जैसे प्रमुख पर्व सामने हैं, लेकिन लंबे समय से मानदेय नहीं मिलने के कारण परिवार के साथ पर्व मनाना भी मुश्किल हो गया है।

मांग पूरी नहीं हुई तो अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी

प्रदर्शनकारियों ने सरकार से बकाया मानदेय का जल्द भुगतान करने और अन्य मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन को और तेज करते हुए अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। धरना में जिला सचिव अरविंद कुमार के अलावा रिंकू राम गोंड, प्रमोद प्रजापति, प्रदीप कुमार, जितेंद्र कुमार, शिव कुमार बिंद, अजय प्रसाद, कैलेंडर पासवान, उमेश पासवान, राजेंद्र चौहान, संजय राम, सच्चिदानंद राय, मनोज पांडे, राम लखन सिंह, अभिषेक कुमार, अजीत कुमार, रविंद्र कुमार, संजय शर्मा, गोविंद कुमार सिंह, शिवनाथ वर्मा, तूफानी सिंह, रामानंद राम, राम लखन पांडे, नागेंद्र सिंह, शिवशेखर प्रसाद सहित बड़ी संख्या में रात्रि प्रहरी मौजूद रहे।

 

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