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19 अगस्त को घर से हुई थी लापता
बताया गया कि चैनपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति की 17 वर्षीय बेटी 19 अगस्त 2026 की सुबह करीब आठ बजे घर से अचानक लापता हो गई थी। परिजनों ने काफी खोजबीन की, जिसके बाद जानकारी मिली कि नाबालिग करमचट थाना क्षेत्र के भीतरीबांध गांव पहुंची थी। परिजन जब उसकी तलाश में भीतरीबांध पहुंचे तो मनोरमा देवी ने बताया कि नाबालिग करीब तीन दिनों तक उसके घर पर रही थी। इसके बाद कुछ लोगों ने उसे वाहन में बैठाकर कहीं भेज दिया। इसके बाद मनोरमा देवी समेत कुछ अन्य महिलाएं भी वहां से गायब हो गईं।
पिता की शिकायत पर शुरू हुई जांच
मामले को लेकर नाबालिग के पिता ने 24 अगस्त को चैनपुर थाने में आवेदन देकर बेटी के अपहरण की आशंका जताई और पुलिस से कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान नाबालिग के राजस्थान पहुंचने की जानकारी सामने आई। चैनपुर थानाध्यक्ष विजय प्रसाद के अनुसार, जांच में पुलिस को पता चला कि मामले में गिरफ्तार चार आरोपितों की भूमिका नाबालिग को राजस्थान ले जाकर नरेश कुमार के हाथों कथित तौर पर दो लाख रुपये में बेचने में सामने आई। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नाबालिग को बरामद किया और राजस्थान के नरेश कुमार समेत पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने सभी गिरफ्तार आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मामले में अन्य पहलुओं की जांच जारी है।



