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पंडालों में सुरक्षा इंतजाम पुख्ता करने पर जोर
बैठक में पूजा पंडालों की सुरक्षा, अग्निशमन व्यवस्था और निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने को प्राथमिकता दी गई। अंचलाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रत्येक पंडाल में आपात स्थिति से निपटने के लिए सक्रिय कार्यकर्ताओं की तैनाती की जाए। आग लगने की स्थिति में तत्काल बचाव के लिए बालू से भरी बाल्टियां भी उपलब्ध रखनी होंगी। अधिकारियों ने कहा कि त्योहार के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी पूजा समितियों की जिम्मेदारी है।
लाइसेंस के लिए समय पर आवेदन करने का निर्देश
थानाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि पूजा पंडाल स्थापित करने और प्रतिमा की स्थापना के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य है। बिना लाइसेंस प्रतिमा स्थापित करने की अनुमति नहीं होगी। लाइसेंस के आवेदन के साथ 10 लोगों की फोटो एवं उनका पहचान पत्र देना होगा। इसके अलावा विसर्जन जुलूस का निर्धारित रूट और समय भी आवेदन में दर्ज करना आवश्यक है। प्रशासन ने नई अनुमति लेने वाली पूजा समितियों से तत्काल थाने में आवेदन जमा करने की अपील की। अधिकारियों के अनुसार, निर्धारित समय के भीतर आवेदन करने वाली समितियों को ही लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। लाइसेंस में दर्ज मार्ग और समय के अनुसार ही विसर्जन जुलूस निकालना होगा।
डीजे पर प्रतिबंध, उपद्रव करने वालों पर होगी कार्रवाई
थानाध्यक्ष ने बताया कि दुर्गापूजा के दौरान पूजा पंडालों और जुलूस में डीजे बजाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। लाउडस्पीकर का इस्तेमाल भी निर्धारित मानकों और समय-सीमा के अनुरूप ही किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि पुलिस असामाजिक तत्वों पर विशेष नजर रखेगी। त्योहार के दौरान अशांति फैलाने, पूजा में बाधा डालने या विधि-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बैठक के अंत में प्रशासन ने पूजा समितियों और स्थानीय लोगों से सभी निर्देशों का पालन करने तथा आपसी भाईचारे के साथ त्योहार मनाने की अपील की। बैठक में बड़ी संख्या में पूजा समिति के सदस्य एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।



